फरीदाबाद में पुलिस मुठभेड़ के बाद डकैती व लूट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 7 सदस्य गिरफ्तार, दो बदमाशों के पैर में लगी गोली
अपराध शाखा सेक्टर-16 की कार्रवाई, एक देसी कट्टा, लूट डकैती में इस्तेमाल होने वाले औजार और अन्य सामान बरामद

- मध्य प्रदेश से फरीदाबाद आकर घरों की रेकी करते थे आरोपी, वारदात के बाद लौट जाते थे अपने राज्य
- मध्य प्रदेश में हाल ही में करोड़ो रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम देने की भी जानकारी, आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी
फरीदाबाद : फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर-16 की टीम ने घरों में डकैती, लूट, चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद 7 आरोपियों को काबू किया है। आरोपी थाना सदर बल्लभगढ़ क्षेत्र के गांव सोतई के पास आगरा नहर की पटरी पर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। पुलिस टीम को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और इसी दौरान एक आरोपी ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो आरोपितों के पैर में गोली लगी। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया।
एसीपी क्राइम अमन यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
सहायक पुलिस आयुक्त अपराध अमन यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 10/11 अक्तूबर 2026 की रात को उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह, प्रभारी अपराध शाखा सेक्टर-16, की टीम को सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश के एक गिरोह के 6-7 सदस्य गांव सोतई के नजदीक आगरा नहर पुल के पास किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्धों को रुकने की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगे। इसी दौरान एक आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सतबीर और प्रताप के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस टीम ने सातों आरोपियों को काबू कर लिया।
*मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं सभी आरोपी*
पुलिस के अनुसार काबू किये गये आरोपियों की पहचान सतबीर निवासी गांव रुशिया टपरा, जिला विदिशा, मध्य प्रदेश; प्रताप, बेताल, धनसिंह, देवधर और हरबीर निवासी गांव कनेरा, जिला गुना, मध्य प्रदेश; तथा सुखलाल निवासी गांव रुशिया टपरा, जिला विदिशा, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है।
डकैती, लूट, चोरी की वारदातों में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी कट्टा व दो कारतूस, दो दाव (बड़े चाकू), दरवाजे तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले दो सरिये, दो गुलेल और 17 कंचे बरामद किए हैं। पुलिस बरामद सामान के संबंध में जांच कर रही है कि आरोपियों ने इसका इस्तेमाल किन-किन वारदातों में किया था।
रेकी के बाद घरों को बनाते थे निशाना
एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में गिरोह के अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। गिरोह के सदस्य मध्य प्रदेश से दूसरे राज्यों में आकर घरों की रेकी करते थे और मौका देखकर डकैती, लूट, चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। वारदात के बाद आरोपी वापस मध्य प्रदेश लौट जाते थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी करना चुनौतीपूर्ण हो जाता था।
पुलिस के अनुसार, एक आरोपी सतबीर 19/20 सितंबर की रात को सेक्टर 17 स्थित एक मकान में चोरी करने की वारदात में शामिल रहा है।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्यों द्वारा हाल ही में मध्य प्रदेश के गुना में करोड़ों रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था।
आरोपी प्रताप की गिरफ्तारी के लिए मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा ₹15000 का इनाम भी घोषित किया हुआ है। प्रताप के विरुद्ध 8, बेताल के विरुद्ध दो व धन सिंह के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं।
आरोपियों की भूमिका और अन्य संभावित आपराधिक वारदातों से उनके संबंधों की जांच की जा रही है। आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, ताकि गिरोह की अन्य गतिविधियों और इसके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।



