साइबर थाना NIT की टीम ने साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है

फरीदाबाद : फरीदाबाद पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साइबर थाना NIT की टीम ने साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले मामले में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 38.08 लाख रुपये की ठगी की गई, जबकि दूसरे मामले में APK फाइल भेजकर क्रेडिट कार्ड से 48,633 रुपये की धोखाधड़ी की गई।
मामला-1: शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 38,08,000 रुपये की ठगी
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सैनिक कॉलोनी, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि जून 2024 में उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप के माध्यम से उसे शेयर मार्केट में निवेश करने पर 800 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। आरोपियों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने उनके बताए बैंक खाते में निवेश के नाम पर कुल 38,08,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उसे न तो मुनाफे की राशि मिली और न ही उसकी मूल रकम वापस की गई। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर थाना NIT की टीम ने आरोपी नरेन्द्र निवासी गांव कुम्हारखेड़ा, जिला चित्तौड़गढ़, राजस्थान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने जगदीश गिरी के बैंक खाते का इस्तेमाल कर उसे आगे साइबर ठगों तक पहुंचाया था। उक्त खाते में ठगी की राशि में से 6,05,000 रुपये प्राप्त हुए थे। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामला-2: APK फाइल भेजकर क्रेडिट कार्ड से 48,633 रुपये की ठगी
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि NIT-5, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि उसके पास एक अज्ञात व्यक्ति की कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने उसे अधिक लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड दिलाने का झांसा दिया और जानकारी भरने के लिए एक APK फाइल भेजी। शिकायतकर्ता द्वारा APK फाइल के माध्यम से जानकारी भरते ही उसके क्रेडिट कार्ड से 48,633 रुपये कट गए। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर थाना NIT की टीम ने आरोपी यश निवासी कल्याणपुरी, दिल्ली को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यश, इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके आरोपी अरमान अंसारी का दोस्त है। अरमान ने शिकायतकर्ता को कॉल कर APK फाइल भेजी थी और उसके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सामान ऑर्डर किया था। यश ऑर्डर किए गए सामान को प्राप्त कर बाजार में बेच देता था। सामान बेचने से मिले पैसों में से अपना हिस्सा रखकर बाकी रकम अरमान को दे देता था।
इस मामले में आरोपी अरमान अंसारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी यश को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।



