बरसात के मौसम में दूषित पानी के सेवन से आंतों, पेट की बिमारियों जैसे दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, आंतों का इन्फेक्शन, हैजा (कॉलरा) का जोखिम बढ़ जाता है : डॉ. बीर सिंह सहरावत

फरीदाबाद (मनीष शर्मा) : मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स फरीदाबाद से गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर एवं एचओडी डॉ. बीर सिंह सहरावत ने बताया कि बरसात के मौसम में दूषित पानी के सेवन से आंतों, पेट की बिमारियों जैसे दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, आंतों का इन्फेक्शन, हैजा (कॉलरा) का जोखिम बढ़ जाता है। कभी-कभी कुछ कीटाणुओं के संक्रमण से खूनी दस्त की समस्या भी हो सकती है। इसके अलावा लिवर से जुडी बिमारियों जैसे हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस बी का जोखिम बढ़ जाता है जो संक्रमित पानी द्वारा फैलती हैं। बरसात के दूषित पानी से आँतों, लिवर और पेट के इन्फेक्शन के साथ साथ शरीर में सेप्सिस फ़ैल जाता है। अगर गर्मी के मौसम में आप पानी कम पीते हैं तो डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी होना) होने की संभावना ज्यादा रहती है। हुमिडिटी (आद्रता) बरसात के मौसम में धीरे-धीरे करके ज्यादा बढ़ जाती है तो पसीना ज्यादा आता है तो शरीर में पानी की कमी होने का जोखिम बढ़ जाता है। शरीर में पानी की कमी होने से पेशाब कम आ सकता है, कई बार किडनी का फंक्शन भी प्रभावित हो सकता है। डिहाइड्रेशन के कारण आपका ब्लड प्रेशर (बीपी) कम हो सकता है जिससे पेट और लिवर पर भी प्रभाव पड़ता है। बीपी कम होने से लिवर को ब्लड सप्लाई में कमी आ जाती है और इस्केमिक हेपेटाइटिस नामक बीमारी का रिस्क बढ़ जाता है। इस बीमारी में लिवर के एंजाइम बढ़ जाते हैं, लिवर में सूजन आ जाती है और कभी-कभी पीलिया भी हो जाता है।

बचाव:

· बाहर खुले में रखे एवं अनहाइजीनिक खाद्य पदार्थों को न खाएं

· संक्रमण की संभावना वाले पानी के सेवन से बचें, इसके स्थान पर आरओ वाला पानी या फिर पानी को उबालकर पिएं

· फल एवं सब्जियों को अच्छे से धोने के बाद ही सेवन करें

· डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं

· बुखार, दस्त लगातार होना को नज़रंदाज न करें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

· सामान्य पानी से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की आपूर्ति नहीं हो पाती है तो ऐसी स्थिति में आप नमक, पानी और चीनी का घोल बनाकर पी सकते हैं

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