IPO में निवेश के नाम पर 67,400 रुपये की साइबर ठगी

साइबर ठगी के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद : IPO में निवेश के नाम पर 67,400 रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपियों को नीमका जेल में प्रोडक्शन पर लेकर पूछताछ उपरांत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आशीष, संदीप कुमार, अमित, अनुराग वर्मा उर्फ नीलू उर्फ अनिल, शिवम शर्मा उर्फ भोला तथा ऋषभ सिकरवार उर्फ ऋषि शामिल हैं।

पुलिस प्रवक्ता अनुसार फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 29 जून को उसे रैंडमली एक WhatsApp ग्रुप में इनवाइट किया गया था। ग्रुप में एक सदस्य द्वारा IPO एवं शेयर मार्केट में निवेश से संबंधित जानकारी दी जाती थी। ठगों ने शिकायतकर्ता को Sol Securities नाम से ट्रेडिंग से संबंधित गतिविधियों का झांसा देकर एक ऐप डाउनलोड करवाया। इसके बाद IPO में अलॉटमेंट के नाम पर शिकायतकर्ता से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 67,400 रुपये जमा करवाए गए।

शिकायतकर्ता के अनुसार ऐप पर उसे 1,19,000 रुपये का कथित प्रॉफिट दिखाया गया। जब उसने रकम विड्रॉल करने का प्रयास किया तो ठगों ने क्रेडिट स्कोर कम होने तथा विड्रॉल के लिए अतिरिक्त रकम जमा कराने की बात कही। इसके बाद शिकायतकर्ता को अपने साथ साइबर ठगी होने का संदेह हुआ और उसने मामले की शिकायत पुलिस को दी थी।

जांच में सामने आया कि आरोपी आशीष तथा संदीप कुमार ने अपने नाम से RBL बैंक में Stoic Chemicals Private Limited के नाम पर ज्वाइंट करंट अकाउंट खुलवाया था तथा उक्त बैंक खाते की बैंकिंग किट अपने सह-आरोपियों को उपलब्ध कराई थी। वहीं आरोपी अमित ने Stoic Chemicals Private Limited का ऑफिस खुलवाने तथा उसके नाम पर बैंक खाता खुलवाने में सहायता की थी।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी अनुराग वर्मा उर्फ नीलू उर्फ अनिल, शिवम शर्मा उर्फ भोला तथा ऋषभ सिकरवार उर्फ ऋषि ने उक्त बैंक खाते को अपने साथियों से प्राप्त कर आगे साइबर ठगी के लिए अन्य आरोपियों को उपलब्ध कराया था।

पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को 5 अक्टूबर को प्रोडक्शन पर लेकर पूछताछ की गई, जिसमें साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने तथा बैंकिंग किट को आगे अन्य आरोपियों तक पहुंचाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस द्वारा आरोपियों से साइबर ठगी में शामिल अन्य आरोपियों, बैंक खातों तथा लेन-देन के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अनुराग वर्मा के खिलाफ साइबर ठगी का एक अन्य मामला थाना साइबर अपराध वेस्ट गुरुग्राम में दर्ज है। वहीं आरोपी शिवम शर्मा उर्फ भोला के खिलाफ भी साइबर ठगी का एक अन्य मामला थाना साइबर क्राइम सेंट्रल फरीदाबाद में दर्ज है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ साइबर ठगी से संबंधित एक अन्य मामला थाना साइबर अपराध बल्लभगढ़, फरीदाबाद में भी दर्ज है। आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।

फरीदाबाद पुलिस की आमजन से अपील है कि शेयर मार्केट, IPO अथवा ऑनलाइन निवेश में मुनाफे का लालच देने वाले अनजान व्यक्तियों और WhatsApp ग्रुप पर भरोसा न करें। किसी भी अज्ञात लिंक से ऐप डाउनलोड न करें तथा निवेश या किसी अन्य बहाने से बताए गए निजी बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर अथवा नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।

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