टेलीग्राम टास्क एवं क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर ₹43.12 लाख की साइबर ठगी, खाताधारक सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

साइबर थाना सेंट्रल की कार्रवाई

फरीदाबाद : साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने टेलीग्राम टास्क एवं क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर ₹43.12 लाख की साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान प्रशांत शर्मा, निवासी ग्राम उघनपुरा, जिला आगरा (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी गढ़ी चौखंडी, जिला गौतमबुद्ध नगर; विक्रम सिंह, निवासी ग्राम खेरी बांका, जिला मधुबनी, हाल निवासी गढ़ी चौखंडी, थाना ममूरा, जिला गौतमबुद्ध नगर; तथा विवेक कुमार मंडल, निवासी ग्राम सिधपकला, जिला मधुबनी (बिहार), हाल निवासी गढ़ी चौखंडी, जिला गौतमबुद्ध नगर के रूप में हुई है। जिनको साइबर थाना का टीम ने 17 जून को गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश से काबू किया है।

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सेक्टर-31, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 15 मई 2026 को उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद ठगो ने टेलीग्राम के माध्यम से पार्ट-टाइम नौकरी और घर बैठे कमाई का झांसा दिया। शुरुआत में उसको विभिन्न ऑनलाइन टास्क दिए गए, जिनमें ई-कॉमर्स वेबसाइटों के उत्पादों के लिंक पर क्लिक कर स्क्रीनशॉट साझा करना शामिल था। ठगों ने बाद में उसको क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रेरित किया। प्रारंभिक निवेश पर लाभ और सफल निकासी दिखाकर उसका विश्वास जीता गया। इसके बाद अधिक राशि निवेश कराने के बाद निकासी रोक दी गई और खाते में 30 से 50 प्रतिशत तक का काल्पनिक लाभ दिखाया जाता रहा। जब उसने अपनी राशि निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने खाता अपग्रेड शुल्क, KYC शुल्क, एडवांस टैक्स और अन्य चार्ज के नाम पर लगातार पैसे जमा करवाए। यहां तक कि पहले खाते को सस्पेंड बताकर नया खाता भी खुलवाया गया। उसने 17 मई से 1 जून 2026 के बीच अपने बैंक खाता में कुल ₹43,12,928 ठगों द्वारा बताए गये खाता में ट्रांसफर कर दिए। बाद में न तो निवेश की गई राशि वापस मिली और न ही कथित लाभ मिला ।शिकायत के आधार पर साइबर थाना सेंट्रल में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी निजी नौकरी करते हैं। विवेक कुमार मंडल खाताधारक है, जिसके बैंक खाते में लगभग ₹3.80 लाख की राशि प्राप्त हुई थी। विवेक ने अपना बैंक खाता विक्रम सिंह को उपलब्ध कराया था और विक्रम ने यह खाता आगे प्रशांत शर्मा को दे दिया। प्रशांत ने उक्त बैंक खाता और उससे संबंधित दस्तावेज कोरियर के माध्यम से साइबर ठगों तक पहुंचायें थे। पुलिस ने तीनों आरोपितों को माननीय अदालत में पेश कर आगामी पूछताछ के लिए 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

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