श्री धार्मिक लीला मंच पर राम बनवास हुआ : हरीश चन्द्र आज़ाद
कहा इक बार जो, वही अंतिम वचन होगा, कसम है राम की दशरथ, नहीं मिथ्या कथन होगा

फरीदाबाद ! श्री धार्मिक लीला कमेटी 5 नम्बर ऍम ब्लॉक के निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि कल रात राम बनवास का मंचन हुआ और केवट की नाव पर सवार होकर राम के साथ सीता और लक्ष्मण बनवास को चले !
प्रथम दृश्य में राम बने शिवम् बत्रा, सीता बनी कँगना खरबन्दा और लक्ष्मण बने विधाश खरबन्दा जनकपुरी से अयोध्या पहुंचते है तब दर्शक उनका आशीर्वाद लेते है फिर दशरथ राम के राजतिलक की घोषणा करते है जिसको सुनकर मंथरा का किरदार निभा रही जानवी केकई को भड़काती है और केकई का अभिनय कर रही रिया खरबन्दा त्रिया चरित्र जाल बिछा कर कोप भवन चली जाती है !

अगले दृश्य में दशरथ का किरदार निभा रहे पंकज खरबन्दा केकई से कोप भवन में बैठने का पूछते है तब केकई उनसे अपने दो वचनो में एक में राम को 14 वर्षों का बनवास और दूसरे में भरत को राजतिलक मांगती है जिसे सुनकर दशरथ विचलित होकर बेहोश हो जाते है तब राम आकर उनके वियोग का कारण पूछते है और दशरथ की आज्ञा लेकर वनो को चले जाते है राम के वियोग में दशरथ प्राण त्याग देते है !
अगले दृश्य में राम, सीता और लक्ष्मण को केवट का किरदार निभा रहे अनिल नागपाल उनको गंगा पार करवाते है !



