नेत्रहीन दिव्यांगों के बनाए उत्पाद देख दर्शक हुए दंग

सूरजकुंड, 25 मार्च। नैब इंडिया सैंटर फॉर ब्लाईंड वूमेन एंड डिसेब्लिटिज स्टडीज नामक संस्था का स्टाल अत्यंत दर्शनीय है। हौजखास दिल्ली की यह संस्था नेत्रहीन दिव्यांगों से ऐसी कलाकृतियां बनवा रही है, जो कि बहुत सुंदर हैं। खास बात यह है कि ये आईटम बेकार कागजों को रिसाईकिल कर बनाए जा रहे हैं।

मेला में 1024 नंबर स्टाल पर खड़ी संस्था की चेयरपर्सन शालिनी खन्ना बताती हैं कि बेकार कागजों से वे डिजाईनर पोटली, कोस्टर बॉक्स, मल्टीपर्पज बॉक्स, पेपर ट्रे, चार्मस, इयररिंग्स, बेसलैट, की चैन आदि बनाते हैं। नेत्रहीन दिव्यांगों के लिए काम कर रही यह संस्था महिलाओं को कंप्यूटर, स्पा, शिल्प कला, होमसाईंस और जापानी थैरेपी से मसाज करना भी सिखाती है। ये कोर्स तीन से लेकर छ: माह तक के हैं। यहां सीमा व ज्योति ने बताया कि नेत्रहीन प्रशिक्षित छात्राएं बे्रस्ट कैंसर की महिला रोगी को हाथ लगाकर उसकी बीमारी की सही जानकारी आसानी से बता देती हैं। इसके अलावा संस्था के भवन में दिव्यांग युवा कैफे भी चलाते हैं। इन बच्चों के रहने खाने की व्यवस्था संस्था खुद करती हैं। कोविड के दौरान भी नेत्रहीनों को इस संस्था ने सहारा दिया और इन्हें प्रशिक्षण प्रदान कर स्वावलंबी बनाया है।

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