फरीदाबाद में जुआ, सट्टा, शराब व नशीले पदार्थों की बिक्री से संबंधित अपराध हुए तो एसएचओ की खैर नहीं : पुलिस आयुक्त

फरीदाबाद 23 अक्टूबर। पुलिस आयुक्त ओ.पी सिंह ने अपने कार्यालय सैक्टर-21सी में बल्लबगढ़ व एनआईटी जोन के पुलिस उपायुक्तों, सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना व चौकी प्रभारियों की एक संगोष्ठी के दौरान गत सप्ताह दिए लक्ष्य के मुताबिक किए गए कार्यों के निष्पादन की जानकारी लेते हुए कहा कि अगर किसी थाना के इलाके में जुआ, सट्टा, शराब व अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री से संबंधित अपराध होते हुए पाए गए तो उसके लिए उस थाने का एसएचओ जिम्मेदार होगा। हालाँकि पुलिस विभाग में प्रभारी थाना का कार्य अत्यंत जटिल होता है, क्योंकि समाज, विभाग व सरकार सहित समाज के विभिन्न वर्गों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की चुनौती उसके सामने होती हैं, लेकिन अपराध पर नियंत्रण की कार्यक्षमता ही थाना प्रभारी की सफलता या असफलता का प्रतीक है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चोट के मामलों की समीक्षा करके अपराध के कारणों का पता लगाया जाए और अपराधियों का वर्गीकरण करने उपरांत अकस्मात उद्दीपन और आवेगवश अपराध करने वालों का उचित मार्गदर्शन करके उन्हें अपराध की दुनिया से दूर रखने के प्रयास किए जाएँ। अभियोग मूल अपराध के लिए ही अंकित किया। अभियोग में अपराध को घटाया बढ़ाया या बदला न जाए। जिन अभियोगों में गिरफ्तारी लंबित है, उनमें जल्द गिरफ्तारी की जाए। पेयजल का अवैध व्यापार व चोरी करने वालों पर भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

अभियोगों में अन्वेषण का कार्य पूरा करने के प्रतिशत में बढ़ोतरी के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की सहराना की गई। बल्लबगढ जोन में 22 गुमशुदा और अपहृत नागबालिग लड़कियों को बरामद किया गया, जबकि 6 की बदामदगी के प्रयास जारी हैं। नाबालिग लड़कियों के अपहरण, बलात्कार, हत्या और एससी/एसटी एक्ट आदि के मामलों जल्द और सख्त कार्यवाही के निर्देश देने के साथ-साथ अन्वेषण कार्य के लिए भविष्य का लक्ष्य निर्धारित करते हुए वाहन चोरी के मामलों में इसे 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 30, साधारण चोरी में 36 से 40, सेंधमारी के अभियोगों में 29 से 35 किया गया। बल्लबगढ़ जोन में 5 ऐसे मामले बताए गए जिनमें भविष्य में झगड़ा होने की संभावना है। संबधित थाना प्रभारी को निगरानी के लिए निर्देशित किया गया।

इसके अतिरिक्त 26 और दुश्चरित्र व्यक्तियों की हिस्ट्री सीट खोली गई, जिनकी नियम के तहत निगरानी करने के भी आदेश दिए गए। विभिन्न अपराधों से संबद्ध थानों के परिसरों में मौजूद वाहनों के शीघ्र निपटारे लिए भी कहा गया। चोरी के मामलों में बरामद माल मुकदमा को दिवाली के अवसर पर मुदइयों को सौपने की भी बात कही गई। उत्कृष्ट सेवा निष्पादन के लिए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का आभार व्यक्त करके सभी को दशहरे की शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए संगोष्ठी का समापन किया गया।

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