लॉकडाउन के दौरान पुलिस के नाके लगे हुए थे, फिर ये शराब की तस्करी कैसे हुई : चौटाला

हरियाणा ! इनेलो नेता नेता अभय सिंह चौटाला ने शराब घोटाले को लेकर सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान एक करोड़ 10 लाख बोतलें अधिकारियों के साथ सरकार में बैठे लोगों ने मिलीभगत करके डिस्टलरी से निकालकर महंगे दामों पर बेच दी। एसईटी ने जांच के दौरान ये माना कि इसका जिक्र कहीं नहीं है और आबकारी विभाग ने भी माना कि यह शराब उनके यहां से गई है। एसईटी के सिर्फ फतेहाबाद के एक डीईटीसी के अलावा अन्य किसी जिले ने रिपोर्ट नहीं दी। यह कमेटी शराब घोटाले की जांच के लिए मुख्यमंत्री द्वारा बनाई गई थी और उनको वे दस्तावेज देने बनते थे। इससे साफ होता है कि इस घोटाले में आबकारी मंत्री का सीधा हाथ है, वहीं आबकारी मंत्री द्वारा एक्साइज कमिश्नर को क्लीनचिट दे दी गई जो कि सीधे-सीधे मुख्यमंत्री को चुनौती दी गई है।
लॉकडाउन के दौरान पुलिस के नाके लगे हुए थे, फिर ये शराब की तस्करी कैसे हुई। पुलिस महकमा भी उतना ही नकारा है, जितना आबकारी विभाग है। दोनों ने मिलकर ही इस घोटाले को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार में आपस में कोई मतभेद नहीं है ये तो सिर्फ एक-दूसरे को बचाने का रास्ता निकाल रखा है कि एक-दूसरे पर आरोप लगाओ, एक जांच कमेटी बैठाओं और क्लीन चिट दे दो। चौटाला ने आरोप लगाया कि शराब घोटाले में पकड़ा गया भूपेंद्र नाम का व्यक्ति विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का करीबी है। इसने हुड्डा के सोनीपत लोकसभा चुनाव के दौरान खरखौदा में 31 लाख रुपए की राशि भेंट की थी।



