मानेसर भूमि घोटाले में नहीं हो पाई चार्ज पर बहस

पंचकूला ! पंचकूला में सीबीआई की अदालत में मानेसर भूमि अधिग्रहण मामले की सुनवाई हुई। इसके चलते पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा समेत तमाम आरोपियों को पेश किया गया। सुनवाई में आरोपों पर बहस होनी थी, लेकिन बचाव पक्ष की तरफ से एक वकील के नहीं आने के चलते के चलते यह बहस नहीं हो पाई। अब मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को होगी।

आरोप है कि अगस्‍त 2014 में निजी बिल्डरों ने हरियाणा सरकार के अज्ञात जनसेवकों के साथ मिलीभगत कर गुड़गांव जिले में मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और भूस्वामियों को अधिग्रहण का भय दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन को 25 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से खरीद लिया था। बाद में सरकार ने प्रोजेक्ट रद्द कर दिया और अफसरों की मिलीभगत से बिल्डरों को सीएलयू लाइसेंस भी जारी कर दिए। अधिग्रहण का डर दिखाकर बिल्डरों ने करीब 1600 करोड़ रुपए की 400 एकड़ जमीन मात्र 100 करोड़ रुपए में खरीद ली थी।

इस मामले में मानेसर के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश ने पहले 12 अगस्त 2015 को मानेसर थाना में शिकायत दी थी। इसके बाद 15 सितंबर 2015 सीबीआई ने इस मामले को टेकओवर किया था। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। ईडी ने हुड्डा और अन्य के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया था। ओमप्रकाश बताते हैं कि नौरंगपुर, लखनौला व मानेसर के 250 से अधिक किसानों की यह जमीन थी, जिसके लिए उन्होंने यह सार्वजनिक लड़ाई लड़ी।

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