सामाजिक अधिकारिता शिविर में सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन

फरीदाबाद। हुडा परेड मैदान, सेक्टर 12 में सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की एडिप योजना एवं राष्ट्रीय वयोश्री योजना व इंडियन रेलवे फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड की सीएसआर योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशाल निशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें फरीदाबाद के विभिन्न स्थानों के 2685 पूर्व चिंहित लाभार्थियों को लगभग 3 करोड़ 35 लाख रुपए मूल्य की लागत के 6636 सहायक यंत्र एवं उपकरण वितरित किए गए। समारोह का आयोजन सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधीन कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र के मिनीरत्न उपक्रम ‘भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्बो)’ कानपुर, जिला प्रशासन एवं जिला रेडक्रास सोसायटी द्वारा किया गया।
केंद्रीय सामाजिक न्याय और आधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर समारोह के मुख्य अतिथि अमिताभ बनर्जी, प्रबंध निदेशक, आईआरएफसी, डिप्टी कमिश्रर, एलिम्बो एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि दिव्यांगजन मानव संसाधन का अभिन्न अंग हैं तथा केंद्र सरकार ारा दिव्यांगों के लिए नई योजनाओं व कानून में संशोधन के माध्यम से इनके सशक्तिकरण का कार्य कर रही है। इस दिशा में दिव्यांगता की 7 श्रेणियों में वृद्धि कर 21 श्रेणियां कर दी गई है। विगत तीन वर्षों में मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों के लिए अभूतपूर्वक कार्य किया गया है, जिनका लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ वांछित लाभार्थियों तक पहुंचाया गया है। जिला रेडक्रास सोसायटी के सचिव विकास कुमार ने बताया कि दिव्यांगों एवं वरिष्ठनों के चिंहिकरण/पंजीकरण के लिए एलिम्बो द्वारा फरीदाबाद के विभिन्न स्थानों में परीक्षण शिविर आयोजित किए गए थे।
इन परीक्षण शिविरों में पूर्व चिंहित दिव्यांगनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को एलिम्बो द्वारा निर्मित विभिन्न श्रेणियों के सहायक यंत्र एवं उपकरण वितरित किए गए, जिनमें दिव्यांगजनों के लिए मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, ट्राइसाइकिल, व्हील चेयर, बैसाखी, कान की मशीन, छड़ी, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एसएसआईडी किट व सीपी चेयर और कृत्रिम अंग व कैलिपर शामिल हैं तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए कृत्रिम दांत, चश्मा, टाइपॉड, टेट्रापॉड, वॉकर, कान की मशीन व व्हीलचेयर आदि उपकरण शामिल हैं। इस अवसर पर हरियाणा रेडक्रास सोसायटी की कार्यकारी सदस्य सुषमा गुप्ता ने बताया कि दिये गये सहायक उपकरणों में सांसद क्षेत्रीय विकास निधि के सहयोग से 369 मोटराइज्ड ट्राइसाकिल वितरित की गईं। एक मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की कीमत2 37 हजर रुपए है जिसमें से 25 हजार रुपए भारत सरकार की एडिप योजना के अंतर्गत वहन किए जाते हैं। शेष 12 हजार रुपए सांसद निधि से वहन किए जा रहे हैं। इनमें 369 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल को 12 हजार रुपए की दर से इंडियन रेलवे फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड की सीएसआर योजना के अंतर्गत वितरित किया गया।
समारोह में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं एलिम्को के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डीआर सरीन भी उपस्थित थे। एलिम्को द्वारा प्रतिवर्ष 1500 परीक्षण शिविर आयोजित कर 2 लाख से अधिक दिव्यांगजनों/विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सहायक उपकरण संस्था द्वारा प्रदान किए जाते हैं। इनमें से ऐसे शिविर जहां दिव्यांगोगं की संख्या एक हजार से ज्यादा होती है वे मेगा/विशेष की श्रेणी में आते हैं। विगत तीन वर्षों में एलिम्को द्वारा 329 से अधिक मेगा शिविर आयोजित कर 3.20 लाख लाभार्थियों को 250.05 करोड़ रूपण् मूल्य के उपकरण दिए गए हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि सहायक उपकरण प्राप्त करने वाले लाभार्थी सक्षम हैं – समर्थ हैं, इन सहायक उपकरणों के माध्यम से लाभार्थियों को स्वावलम्बी व सशक्त करने और उन्हें समाज की मुख्य धारा के साथ जोडऩे का एक प्रयास है।



