इस दिवाली खुशबु वाले दियो से जगमगाए अपना घर

दिवाली उत्सव में रंगबिरंगे हाथ से बने दीयों का क्रेज

सूरजकुंड/फरीदाबाद (मनीष शर्मा) : दिवाली के त्यौहार पर मुख्य रूप से दीये जलाने का प्रचलन है। दिवाली के दिन दीपक जलाना न सिर्फ एक प्रथा है बल्कि इसे घर के सदस्यों के लिए भी शुभ माना जाता है। जगमगाते दीपक घर की रौनक को बढ़ाते हैं। ऐसे में बाजार में तरह-तरह के दीपक खूब मिल रहे हैं। ऐसे ही एकोफ्रेंडली मोम दिए दिवाली उत्सव में आए हुए लोगों को खूब लुभा रहे है।

‘मेक इन इंडिया’ इंडिया’ एक क्रांतिकारी विचार है जिसने निवेश एवं नवाचार को बढ़ावा देने, बौद्धिक संपदा की रक्षा करने और देश में विश्व स्तरीय विनिर्माण बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के लिए प्रमुख नई पहलों की शुरूआत की है। इसी से प्रेरित होकर फरीदाबाद निवासी विवेक तलवार ने टी लाइट कैंडल बनाने के स्टार्ट अप की शुरुवात की। उन्होंने बताया कि यह दिये व टी लाइट कैंडल पूरी तरह से उनके द्वारा ही बनाये जाते हैं। छोटे स्तर पर ही सही पर मेक इन इण्डिया के सपने को साकार करने में वह भी अपना योगदान दे रहें हैं। कोरोना काल में जब सम्पूर्ण विश्व में लॉकडाउन था तो इन्होने हिम्मत नहीं हारी और आज यह टाटा द्वारा संचालित वेस्ट साइड को दीयों में डलने वाला ख़ास रंग का शेड भी कपड़ो के लिए उपलब्ध कराते हैं। इनकी बनायीं गयी मोमबत्तियों के लिए रंग जर्मनी से आता है। यहाँ मिलने वाले दिए की कीमत 2 रुपये से शुरू होकर हजारों रुपये तक की है।

स्टाल पर उपलब्ध विभिन्न प्रकार के दिये

उन्होंने बताया कि स्टाल पर दिवाली के त्यौहार पर घरों को सजाने के लिए विभिन्न प्रकार के दिए उपलब्ध हैं। इनमें चीनी मिट्टी, सिरामिक गोल्ड, मेटल, ग्लास और अन्य कई प्रकार के आरिटिफिशिअल दिए शामिल हैं जो पर्यटकों का मन मोह रहे हैं।

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