“प्रधान निदेशक-आयकर अन्वेषण के. के. मित्तल आईआरएस ने डॉ. बाला के मोटापा निवारण स्वास्थ्य अभियान को अपना दृढ़ समर्थन दिया”

फरीदाबाद : “प्रधान निदेशक-आयकर अन्वेषण के. के. मित्तल आईआरएस ने डॉ. बाला के मोटापा निवारण स्वास्थ्य अभियान को अपना दृढ़ समर्थन दिया”!
भारत के अग्रणी जीवनशैली एवं निवारक चिकित्सा विशेषज्ञ, डॉ. बाला को आयकर अन्वेषण विंग के प्रधान निदेशक, के. के. मित्तल आईआरएस ने जीवनशैली और निवारक चिकित्सा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए सराहना की।
इस अवसर पर आयकर अन्वेषण शाखा के प्रधान निदेशक ने “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी” के “मोटापे के खिलाफ कार्रवाई” के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आधारित डॉ. बाला के “मोटापे की रोकथाम” स्वास्थ्य अभियान को अपना बिना शर्त समर्थन दिया और मोटापे की रोकथाम के बारे में जागरूकता को “भारत के कोने-कोने” तक पहुँचाने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर चर्चा की, जिसका प्राथमिक उद्देश्य “गैर-संचारी रोगों या जीवनशैली रोगों” जैसे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, मोटापा, कैंसर और पीसीओडी आदि की रोकथाम में “सही खान-पान और नियमित व्यायाम के महत्व” को फैलाना था।
“आयकर विभाग – राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया की रीढ़”…!
प्रधान निदेशक आयकर अन्वेषण ने डॉ. बाला से “आयकर अधिकारियों” के लिए “मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम” पर विशेष कार्यशालाएँ आयोजित करने का अनुरोध किया, जो उन्हें रोगमुक्त और मोटापामुक्त जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगी।उन्होंने बड़े गर्व के साथ कहा कि प्रत्येक आयकर अधिकारी अपने कर्तव्य को जिम्मेदारी की भावना के साथ निभाता है और इसे राष्ट्रीय विकास में योगदान देने के अवसर के रूप में देखता है, जो आयकर विभाग का पहला और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
प्रधान निदेशक आयकर अन्वेषण, के. के. मित्तल आईआरएस ने भारत के सभी नागरिकों से एकजुट होकर मोटापे की महामारी के खिलाफ लड़ने और हमारे माननीय प्रधानमंत्री के “मोटापा मुक्त और फिट भारत” बनाने के दृष्टिकोण को मजबूत करने का आग्रह किया और डॉ. बाला की सराहना की कि उन्होंने इसे अपने जीवन का मिशन बना लिया है।



