जे. सी. बोस विश्वविद्यालय में 400 विद्यार्थियों व कर्मचारियों ने ली कोरोना वैक्सीन की पहली डोज

फरीदाबाद, 21 जून : कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के अपने जारी प्रयासों को जारी रखते हुए जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में एक विशेष टीकाकरण शिविर का आयोजन किया, जिसमें 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों और कर्मचारियों को कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक दी गई। शिविर के दौरान लगभग 400 लोगों को कोविड वैक्सीन कोविशील्ड का पहला शॉट दिया गया।

फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र गुप्ता और कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने टीकाकरण में भागीदारी को लेकर विद्यार्थियों और कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया और अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण शिविर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. एस.के. गर्ग भी मौजूद थे।

कोविड-19 टीकाकरण शिविर का आयोजन विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र द्वारा चिकित्सा अधिकारी डॉ अंकुर शर्मा की देखरेख में किया गया। चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि वैक्सीन के लिए निर्धारित पात्रता मानदंड को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने 400 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया था और इस लक्ष्य को पूरा कर लिया गया।

विधायक नरेन्द्र गुप्ता ने कहा कि टीकाकरण ही कोविड-19 महामारी का एकमात्र समाधान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार ने एक केंद्रीकृत मुफ्त टीकाकरण नीति शुरू की है जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों को मुफ्त कोविड-19 टीका उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि देश में बनी कोरोना वैक्सीन सुरक्षा मानकों पर सुरक्षित और असरदार है। उन्होंने सभी को निर्भीक होकर टीकाकरण में हिस्सा लेने के लिए आग्रह किया और कहा कि इस टीकाकरण से कोविड संक्रमण के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और हम इस महामारी से लड़ने में कामयाब होंगे। उन्होंने कहा कि बेशक टीकाकरण कोविड संक्रमण के खिलाफ एक प्रभावी समाधान है, लेकिन टीकाकरण के बावजूद उन्हें मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसे उपयुक्त व्यवहार का पालन करना होगा ताकि संक्रमण को रोका जा सके।

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