जॉर्डन में हुई एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में फरीदाबाद की दो लड़कियों ने मचाया तहलका

  • माही सिवाच ने जीता रजत पदक तो तनीषा लांबा ने जीता कांस्य पदक।

फरीदाबाद : द्रोणाचार्य बॉक्सिंग क्लब फरीदाबाद की लड़कियों ने एक बार फिर अपने क्लब, जिला, राज्य ही नहीं अपितु अपने भारत देश का भी नाम रोशन किया है। जॉर्डन में 23 फरवरी से 15 मार्च तक चली एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप मे फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी में रहने वाली माही सिवाच ने 46 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक तथा मुजेसर की रहने वाली तनीषा लांबा ने 54 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक पर कब्जा किया।

यह दोनों लड़कियां सेक्टर-10, के. एल. मेहता स्कूल में स्थित द्रोणाचार्य बॉक्सिंग क्लब मे प्रैक्टिस करती हैं। इन कोच अंतर्राष्ट्रीय बॉक्सर डॉ राजीव गोदारा तथा ओलंपियन व अर्जुन अवॉर्डी बॉक्सर जयभगवान है। माही सिवाच ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उज़्बेकिस्तान, मंगोलिया जैसे बॉक्सरओं को हराकर फाइनल में प्रवेश किया और उसके बाद फाइनल में रेफरीओ के गलत डिसीजन की वजह से फाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान की बॉक्सर डीआना से हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वही तनीषा लांबा ने थाईलैंड और उज़्बेकिस्तान के बॉक्सरओं को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची लेकिन उन्हें सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा।

उनके कोच डॉ राजीव गोदारा ने बताया की माही सिवाच डीएवी पब्लिक स्कूल एन.एच.3 मे दसवीं क्लास में पढ़ती हैं और उनके आगे बोर्ड के एग्जाम भी होने हैं तब भी बिना किसी दबाव के उन्होंने बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उम्दा प्रदर्शन किया। इससे पहले माही सिवाच ने कर्नाटक में हुई सब-जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। इसी तरह से तनीषा लांबा भी डीएवी पब्लिक स्कूल एनटीपीसी की 12वीं क्लास छात्रा रही है और इन्होंने भी फरीदाबाद प्रदेश का नाम कई बार रोशन कर चुकी है।

उन्होंने बताया कि तनीषा लांबा कर्नाटक मैं हुई सब जूनियर वुमन नेशनल बॉक्सिंग में स्वर्ण, दिल्ली में हुए नेशनल स्कूल गेम्स में रजत पदक तथा 2020 के खेलो इंडिया यूथ नेशनल गेम्स में भाग कर चुकी है। दोनों लड़कियों का मेडल आने की वजह से फरीदाबाद के बॉक्सर में बहुत उत्साह है और द्रोणाचार्य बॉक्सिंग क्लब के संस्थापक अर्जुन अवॉर्डी ओलंपियन जय भगवान व अंतर्राष्ट्रीय बॉक्सर राजीव गोदारा ने दोनों लड़कियों उच्च भविष्य की कामना करते हैं तथा इसी तरह देश का नाम रोशन करते रहे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने जिले की एक पहचान बनाएं। वहीं आने वाली यूथ तथा जूनियर वल्र्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप मैं स्वर्ण पदक जीत कर एक बार फिर भारत का नाम रोशन करें।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!