जेे.सी. बोस विश्वविद्यालय में ‘जी20 भारत’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन प्रारंभ

फरीदाबाद, 5 अक्टूबर : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सहयोग से ‘जी20 भारतः वसुधैव कुटुंबकम – सतत विकास के प्रयास और चुनौति’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज प्रारंभ हो गया। यह सम्मेलन शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए अनुसंधान में विकसित होने और सतत विकास से संबंधित नवीन विचारों पर चर्चा के मंच के रूप में काम करेगा।

सम्मेलन का उद्घाटन सत्र दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद सभी सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों का पौधे भेंट कर स्वागत किया गया। सम्मेलन की संयोजक डॉ गुंजन गुम्बर ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों को सम्मेलन के बारे में जानकारी दी। निदेशक (आर एंड डी) प्रो. मनीषा गर्ग ने सम्मेलन के सभी सम्मानित अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रबंधन अध्ययन विभाग के डीन डॉ. आशुतोष निगम, प्रबंधन अध्ययन विभाग की अध्यक्षा डॉ. रचना अग्रवाल भी उपस्थित थीं। उद्घाटन सत्र में आईएमटी, गाजियाबाद के पूर्व डीन और आईएमएसएआर, एमडीयू के पूर्व निदेशक डाॅ. सुरेश बेदी मुख्य अतिथि रहे, जिन्होंने सतत विकास तथा सामाजिक विकास में युवाओं की भूमिका पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।

टॉपसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में तकनीकी बिक्री और सेवा प्रमुख श्री राजू चोपड़ा मुख्य वक्ता रहे तथा सतत विकास पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे कोई व्यक्ति विकास लक्ष्यों की वृद्धि और प्राप्ति में सक्रिय रूप से योगदान दे सकता हैं। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक पहलुओं को शामिल करते हुए सतत विकास के चार स्तंभों की व्याख्या की, जबकि चैथे स्तंभ – समावेशिता का परिचय दिया, जहां प्रत्येक व्यक्ति सतत विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा, उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा और भावी पीढ़ियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तियों की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया। सम्मेलन की संयोजक डॉ. रेनू अग्रवाल सत्र के अंत में सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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