वरिष्ठ पत्रकार एवं पी सी आई के सदस्य आंनद राणा के प्रस्ताव “पत्रकारों हेतु सामूहिक स्वस्थ्य बीमा” को पी सी आई की बैठक में सर्वसममति से पारित

नई दिल्ली ! प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की बैठक में वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य आंनद राणा के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई और उनका प्रस्ताव “पत्रकारों के लिए सामूहिक स्वास्थ्य बीमा” सर्वसम्मति से पारित हो गया। 22 सितंबर को आयोजित इस बैठक में प्रैस काउंसिल ऑफ इंडिया के माननीय चैयरमेन ( न्यायमूर्ति ) श्री सी.के.प्रसाद तथा सभी सदस्य उपस्थित रहे।अब प्रेस काउंसिल की तरफ से भारत सरकार, सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों को पत्रकार स्वास्थ्य बीमा पर पॉलिसी बनाने और इसे जल्द से जल्द लागू करने के लिए लिखित तौर पर आग्रह किया जाएगा। आंनद राणा ने कहा कि बैठक में डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों तथा कुछ अन्य सरकारी सेवाओं के कर्मियों की तर्ज पर पत्रकारों को भी कोरोना वॉरियर श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

उन्होंने बताया कि देश के ज्यादातर पत्रकार वर्तमान समय में घोर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कोरोना महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों ने समस्या को और ज्यादा कठिन बना दिया है। देशभर में अनेक पत्रकार अपनी ड्यूटी निभाते हुए जान गवां चुके हैं। बहुत से साथियों को कोरोना संक्रमण की वजह से अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा है। लिहाजा पत्रकार स्वास्थ्य बीमा बहुत ही आवश्यक हो जाता है ताकि कठिनाई के समय आर्थिक मदद संभव हो पाये। आनंद राणा ने बताया कि मुझे उम्मीद है कि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के आग्रह को केन्द्र और राज्य सरकारें गंभीरता से लेते हुए इस दिशा में सकारात्मक कदम उठायेंगी। साथ ही जिन राज्यों में पत्रकार स्वास्थ्य/दुर्घटना बीमा योजना पहले से ही है उसे और मजबूत करते हुए बीमा धनराशि में उचित बढ़ोतरी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी मुहिम की शुरूआत पहले कदम से ही होती है। ये आरंभ है और हम सबको हर स्तर पर हर राज्य में बीमा योजना लागू करवाने के लिए संघर्षरत रहना होगा। आप सभी से आग्रह है कि अपने अपने राज्यों में इस विषय में प्रयास जारी रखें। अतुल्य लोकतंत्र के संपादक एवं आई एम ए के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दीपक शर्मा ने वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य आंनद राणा को उनके इस कदम के लिए फोन पर उन्हें बधाई दी। माननीय सदस्य आंनद राणा का कहना था कि इन बातों पर हर राज्यो के पत्रकारों को भी अपनी बात निरन्तर रखने का प्रयास करते रहना चाहिए।

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