पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन और आदर्शों युवाओं के लिए प्रेरणा : प्रो. दिनेश कुमार

फरीदाबाद, 25 सितम्बर ! जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के केन्द्रीय पुरस्तकालय में आज अंत्योदय व एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके जीवन दर्शन और रचनाओं का एक संदर्भ अनुभाग स्थापित किया है। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय केन्द्रीय पुस्तकालय में संदर्भ अनुभाग का शुभारंभ किया तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी 104वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस अवसर पर विज्ञान संकाय के डीन एवं पुस्तकालय अध्यक्ष प्रो. आशुतोष दीक्षित, लाइब्रेरियन डाॅ. पीएन बाजपेयी तथा निदेशक, युवा कल्याण डाॅ. प्रदीप डिमरी भी उपस्थित रहे तथा पंडित उपाध्याय को श्रद्धासुमन अर्पित किये।

प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति और मूल्यों की रक्षा व संरक्षण के लिए जीवन पर्यन्त संघर्ष किया और उनका संपूर्ण जीवन वंचित वर्गों के उत्थान तथा देश की अखण्डता को बनाये रखने के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को पंडित दीनदयाल उपाध्याय और उनके जीवन आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। 

लाइब्रेरियन डाॅ. पीएन बाजपेयी ने बताया कि विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय का नामकरण भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर किया गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक प्रखर विचारक और प्रबुद्ध साहित्यकार थे, जिन्होंने अपने जीवनकाल में अनेक लेख एवं पुस्तकों की रचनाएं की। उनके जीवन दर्शन पर स्थापित संदर्भ अनुभाग में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूल रचनाओं की प्रतियों के अलावा अन्य लेखकों द्वारा उनके जीवन दर्शन पर लिखी गई पुस्तकों तथा प्रेरक कहानियों को सम्मिलित किया जायेगा। पुस्तकालय में स्थापित किये गये नये संदर्भ अनुभाग में ऐसे 15 पुस्तक खण्डों को संग्रहित कर रखा गया है।

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