पश्मीना -20 डिग्री तापमान में भी नहीं लगने देती ठंड

- कीमत सात हजार से चार लाख तक की
सूरजकुंड : जम्मू-कश्मीर से आए शिल्पकार फयाज व बानी पश्मीना शॉल बनाने में महारत हासिल रखते हैं। इनके बनाए शॉल की कीमत सात हजार रूपए से लेकर चार लाख रूपए तक की है।
फयाज और बानी ने बताया कि माइनस बीस डिग्री तापमान में भी पश्मीना शॉल पहनने वाले को सर्दी नहीं लगने देती। इस कपड़े की खासियत यह है कि यह जितना पुराना होगा, उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा होगी। फयाज ने बताया कि पश्मीना एक बकरी का नाम है, जो कि लद्दाख क्षेत्र के चांग थांग में पाई जाती है। पश्मीना बकरी के बालों से रेशे तैयार कर इस शॉल को बनाया जाता है। देखने में हल्का यह कपड़ा धारण करने में बहुत गर्म होता है।
फयाज ने बताया कि उनको बेहतरीन कारीगरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में सम्मानित किया था। शॉल के अलावा वे महिलाओं के लिए सूट, सिल्क साड़ी व ओवरकोट की तरह पहने जाने वाला कफतान भी बनाते हैं। इनकी कृतियां काफी सराही जा रही हैं।



