पुलिस ने एसजीएम नगर पहुंचकर आमजन को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में किया जागरूक

फरीदाबाद : डीसीपी क्राइम नरेंद्र कादियान की अगुवाई में फरीदाबाद पुलिस एसजीएम नगर पहुंची जहां पर नाटकीय रूपांतरण के माध्यम से पुलिस ने वहां पर मौजूद नागरिकों को नशे के मानव जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में अवगत कराते हुए उन्हें नशा छोड़कर स्वस्थ जीवन जीने के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर उनके साथ एसीपी मुख्यालय विष्णु दत्त, थाना एसजीएम नगर प्रभारी इंस्पेक्टर दिलीप, कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर रामबीर, चौकी 3 प्रभारी सोमपाल, ट्रैफिक ताऊ सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे जिन्होंने करीब 400 से 500 नागरिकों को जागरूक किया। इस कार्यक्रम का आयोजन माधव हेल्थ केयर की सहायता से किया गया जिसमें बल्लभगढ़ स्थित अग्रवाल कॉलेज के बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करने के इस कार्यक्रम को सफल बनाया।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि कल पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने सर्वोदय हॉस्पिटल से नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की थी जिसमें एक वैन शहर के मुख्य स्थानों पर जाकर आमजन को नशा छोड़ने के लिए जागरूक करेगी। इसी कार्यक्रम के अंतर्गत आज डीसीपी क्राइम नरेंद्र कादयान व एसीपी मुख्यालय विष्णु दत्त अपनी टीम के साथ एसजीएम नगर पहुंचे जहां उन्होंने आमजन से नशे से शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें नशा न करने की शपथ दिलवाई।

श्री कादियान ने कहा कि युवावस्था में हर व्यक्ति के अंदर यह चाहत होती है कि वह हर एक प्रकार का अनुभव प्राप्त करे जिसमें अच्छे कार्यों के साथ-साथ कुछ गलत अनुभव भी शामिल होते हैं जिसमें से एक अनुभव नशे का भी है। जागरूकता के अभाव में कुछ नवयुवक नशा करना शुरू कर देते हैं जिसकी वजह गलत संगत या फिर शौंक हो सकते हैं। शुरू शुरू में कुछ युवक अपने दोस्तों के साथ मिलकर नशा करना शुरू कर करते हैं और कुछ युवक शौकिया तौर पर ही इसकी शुरुआत करते हैं परंतु बाद में यह नशा उनकी आदत बन जाती है जिसके पश्चात वह इससे पीछा छुड़ाना चाहते हैं परंतु फिर नशा उनका पीछा नहीं छोड़ता। एक बार यदि कोई व्यक्ति नशे का आदी हो जाता है तो वह उसे हर समय उस नशे की लत लगी रहती है और उसे उसके अलावा कुछ नहीं सूझता। इस नशे की लत के चलते व्यक्ति अपनी सारी संपत्ति गवा देता है जिसकी वजह से उसे आर्थिक नुकसान होता है तथा साथ ही उसके दोस्त रिश्तेदार भी उसे किनारा करना शुरू कर देते हैं।

नशा करने की वजह से मनुष्य का शरीर कमजोर होने लगता है। धीरे-धीरे जैसे जैसे समय व्यतीत होता है नशा इंसान के शरीर को अंदर से खोखला कर देता है और उसे विभिन्न प्रकार की बीमारियां जकड़ लेती हैं। नशे से शरीर के अंग बुरी तरह से प्रभावित होते हैं जिसकी वजह से इंसान धीरे धीरे मृत्यु के नजदीक पहुंचता जाता है। यदि देखा जाए तो नशे के कारण अच्छे अच्छे खासे हंसते खेलते घर भी उजड़ जाते हैं। इसलिए हम सबको यह प्रण लेना चाहिए कि हम खुद भी नशा नहीं करेंगे और अपने साथियों को भी इसके बारे में जागरूक करेंगे।

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