फरीदाबाद में कई हजार इंडस्ट्री शुरू, सिर्फ 15 से 20 फीसदी तक काम !

फरीदाबाद ! लाॅकडाउन चार खत्म होने तक फरीदाबाद में करीब 15 हजार से अधिक इंडस्ट्री शुरू हो चुकी हैं। इनमें अभी तक पौने चार लाख से अधिक वर्करों को काम भी मिल चुका है लेकिन अब औद्योगिक इकाइयों के सामने कच्चा माल मिलने और स्किल कामगार का संकट पैदा होने की संभावना है। यही नहीं इंडस्ट्री के सामने अब बिजनेस बढ़ाने की भी बड़ी चुनौती बन गई है। क्योंकि बड़े उद्योगों में अभी भी शत-प्रतिशत काम शुरू नहीं हुआ है। पहले के जो ऑर्डर थे वे सब कैंसिल हो चुके हैं। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर का बॉर्डर सील होने से सामान को भेजने और कच्चा माल लाने में परेशानी हो रही है। मार्केट में अभी डिमांड कम होने के कारण औद्योगिक इकाइयों में अभी महज 15 से 20 फीसदी तक ही काम हो पा रहा है। उद्यमियों का कहना है कि ऑर्डर आने और इंडस्ट्री प्राॅपर तरीके से चलाने में दो से तीन माह का समय लग सकता है।

डीसी यशपाल यादव के अनुसार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने इंडस्ट्री को कई प्रकार की छूट दी है। अभी तक करीब 15000 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में काम धीरे धीरे शुरू हो चुका है। इनमें काम करने वाले करीब चार लाख श्रमिकों को रोजगार मिल चुका है। उम्मीद है जल्द ही शहर की सभी औद्योगिक इकाइयों मेंं काम शुरू हो जाएगा। उद्यमियों का मानना है कि नियमित कर्मचारियों को छोड़कर करीब 60 फीसदी श्रमिक अपने गांव यूपी और बिहार जा चुके हैं। उन्हें वापस आने में अभी वक्त लगेगा। ऐसे में यदि इस माह जून में जब शत प्रतिशत इंडस्ट्री खुल जाएगी और काम शुरू होगा तो श्रमिकों की समस्या से जूझना पड़ेगा।

खुली इंडस्ट्री के पास महज 20 फीसदी काम : फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान वीरभान शर्मा एवं फरीदाबाद मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव रमणीक प्रभाकर का कहना है कि लॉकडाउन में जो इंडस्ट्री खुली भी हैं उनमें भी काम महज 15 से 20 फीसदी तक ही हो रहा है। जबकि महीने का खर्च पूरा है। ऐसे में आर्थिक परेशानी सबके सामने है। यही नहीं जो माल बनकर तैयार हो गया वह भी बाहर नहीं जा पा रहा है।

लॉकडाउन के पहले जो माल भेजा जा चुका है उसकी पेमेंट फंसी पड़ी है। ऐसे में इंडस्ट्री इस समय पैसों की समस्या से जूझ रही है। इंडस्ट्री को पटरी पर आने में अभी करीब दो साल तक लग जाएंगे। क्योंकि लॉकडाउन के पहले जो ऑर्डर थे वे सब कैंसिल हो चुके हैं। इतनी जल्दी आर्डर मिलना भी संभव नहीं है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!