सोमवार से आयकर एवं कराधान विभाग स्पेशल हेल्प डेस्क की कर रहा है शुरुआत

- फर्जी पते पर लिया जीएसटी नंबर तो जांच में होना पड़ेगा शामिल
- वैट से संबंधित मामलों का जल्द होगा निस्तारण मदद करेगा स्पेशल हेल्प डेस्क
फरीदाबाद (मनीष शर्मा) : जीएसटी विभाग द्वारा चलाए जा रहे सर्वे अभियान में बड़ी मछलियां सामने आने की उम्मीद है। जांच फर्जी पते पर लिए गए जीएसटी नंबर या फिर जिन जीएसटी धारकों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट गलत तरीके से लिया है। उन लोगों के खिलाफ एक सर्वे चलाया जा रहा है जिसकी रिपोर्ट लगभग तैयार होने पर है। जीएसटी अधिकारियों से व टैक्स प्रोफेशनल्स अधिवक्ता, सीए, सीएस से बात होने पर पता चला है कि कहीं-कहीं पर आम जीएसटी धारकों को भी कभी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

जीएसटी विभाग के अधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर रेंज दीपिका चौधरी से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया आम जीएसटी धारकों को कोई परेशानी नहीं होगी ना ही उनका कोई विशेष सर्वे किया जाएगा। यह सर्वे सिर्फ जो बिलिंग करते हैं या गलत पते पर रजिस्ट्रेशन करवा रखा है उन लोगों को जांच में शामिल किया जा रहा है, जिससे आम जीएसटी धारक एवं ग्राहकों को असुविधा का सामना ना करना पड़े। इस बात को ध्यान में रखते हुए सोमवार से स्पेशल हेल्प डेस्क भी लगाई जा रही है जिसमें पुराने वैट से संबंधित मामलों का भी निस्तारण किया जाएगा।

एडिशनल कमिश्नर सेंट्रल फरीदाबाद राजेश कुमार के अनुसार डीजीएआरएम की रिपोर्ट के अनुसार जांच प्रक्रिया चल रही है जिसमें सेंट्रल और स्टेट की टीम फर्जी पते पर लिए गए जीएसटी नंबरों की और गलत आईटीसी लेने वालों के खिलाफ ही जांच की जा रही है जिसमें गलत पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी इससे आम जीएसटी धारक जो नियम की पालना करता है उनको भविष्य में असुविधा न हो,इसके लिए डिपार्टमेंट तत्परता से काम कर रहा है।

जीएसटी से जुड़े मामलों के जानकार वरिष्ठ जिला टैक्स बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट संदीप सेठी ने बातचीत के दौरान बताया कि जीएसटी विभाग की हेल्प डेस्क अब तक काम नहीं कर रही थी लेकिन ज्वाइंट कमिश्नर दीपिका चौधरी का ने आश्वासन दिया है। सोमवार से यह डेस्क काम करने लगेगी इससे समस्याओं का समाधान करने की उम्मीद है, लेकिन बाकी राज्यों की तरह हरियाणा में भी वैट एमनेस्टी स्कीम को भी जल्द से जल्द लागू होना चाहिए चल रहे सर्वे के बारे में उन्होंने बताया कि किसी को सर्वे से घबराने की जरूरत नहीं है यह पुराने जो नियम बने हुए हैं। उन्हीं को सुचारू रूप से पालन करने के लिए डिपार्टमेंट कह रहा है और इससे भविष्य में जीएसटी धारकों को लाभ मिलेगा।



