जे.सी. बोस विश्वविद्यालय द्वारा संविधान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों पर भी देना होगा ध्यानः कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर

फरीदाबाद, 26 नवंबर : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में आज संविधान दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। कुलपति प्रोफेसर सुशील कुमार तोमर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में काफी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया, जिसमें एनआईटी फरीदाबाद से विधायक श्री सतीश फग्ना, बड़खल से विधायक श्री धनेश अदलाखा, फरीदाबाद नगर निगम की आयुक्त श्रीमती ए. मोना श्रीवास्तव, हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेणु भाटिया, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में एडवोकेट श्री विनीत जाखड़, पूर्व छात्र एवं उद्यमी श्री नवीन सूद शामिल रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संविधान के प्रतिष्ठित निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई तथा राष्ट्र के लिए उनके अमूल्य योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में भारतीय संविधान के निर्माण पर एक सम्मोहक वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों को इस महत्वपूर्ण दस्तावेज के ऐतिहासिक महत्व पर एक नजरिया प्रदान किया। अपने अध्यक्षीय भाषण में कुलपति प्रोफेसर तोमर ने मौलिक कर्तव्यों के महत्व को रेखांकित किया तथा विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण की भूमिका पर बल दिया। श्रीमती रेणु भाटिया ने महिला सशक्तिकरण का समर्थन करने वाले संवैधानिक प्रावधानों पर प्रकाश डाला, साथ ही हाल के हुए संवैधानिक संशोधनों पर भी प्रकाश डाला, जिसका जम्मू और कश्मीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

श्री सतीश फग्ना ने संविधान को लेकर महत्वपूर्ण बातें रखी तथा संविधान को भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के रूप में वर्णित किया। उन्होंने मौलिक कर्तव्यों के महत्व पर बोलते हुए संवैधानिक मूल्यों को बनाये रखने के लिए समकालीन चुनौतियों का समाधान करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा युवाओं से राष्ट्रीय विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। श्री धनेश अदलाखा ने संविधान में निहित प्रावधानों पर चर्चा करते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर के दूरदर्शी दृष्टिकोण की प्रशंसा की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ये प्रावधान किस तरह से सभी नागरिकों के बीच न्याय, समानता और बंधुत्व को बनाए रखने में कारगर है। सुश्री मोना श्रीवास्तव ने संवैधानिक व्याख्या में वैधता और नैतिकता के दोहरे विषयों पर अपनी बात रखी। उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों में नैतिकता की आवश्यकता पर बल दिया। एडवोकेट विनीत जाखड़ ने संविधान की प्रस्तावना के महत्व पर विस्तार से बताया, जिसमें उन्होंने संविधान सभा के सदस्य पंडित ठाकुर दास भार्गव का जिक्र किया। उन्होंने जनता के बीच संवैधानिक मूल्यों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी चर्चा की। कार्यक्रम को मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. अरविंद गुप्ता, उप कुलसचिव (परीक्षा) श्री सचिन गुप्ता के साथ-साथ छात्र प्रतिनिधियों में साहिल कौशिक और अलका शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. मेहा शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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