मुख्यमंत्री उडऩदस्ता फरीदाबाद ने हथीन जिला पलवल में अवैध रूप से चल रही है लैब पर की कार्यवाही

पलवल/फरीदाबाद : मुख्यमंत्री उडऩ दस्ता फरीदाबाद को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि जिला पलवल के हथीन में सरकारी अस्पताल के सामने अवैध रूप से लैब चलाई जा रही है। उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं। उसके बावजूद स्वास्थ्य जाँच की रिपोर्ट तैयार करके दी जा रही है। जिससे लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा। मौके पर जाकर चेक किया जाए तो मामले का खुलासा हो सकता है।
इस संबंध में सिविल अस्पताल पलवल से कार्यवाही कराने के लिए डॉ. सरफराज एमओ पलवल व डॉ संदीप गहलांन की संयुक्त टीम तैयार कराई गई व मौके का औचक निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण पर सरकारी अस्पताल हथीन के सामने बालाजी एक्सरे व डायग्नोस्टिक सेंटर चलता पाया गया। लैब के अंदर एक व्यक्ति काउंटर पर बैठा हुआ मिला जिससे नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम सुतेन पुत्र रमेशचंद निवासी कौंडल थाना हथीन पलवल व कम्प्यूटर पर बैठी हुई महिला जो रिपोर्ट तैयार कर रही थी ने अपना नाम सीमा पत्नी समय सिंह गांव रजोलका पलवल बतलाया।
संयुक्त टीम में शामिल डॉक्टर ने लैब चलाने व रिपोर्ट तैयार कराने के सम्बध में वैध दस्तावेज पेश करने बारे कहा, लेकिन सुतेन व सीमा कोई दस्तावेज पेश नही कर सके। चेकिंग के दौरान काउंटर पर कुछ टेस्ट रिपोर्ट तैयार रखी हुई मिली। जिन पर डॉक्टर मनीष कुमार वरशानी एमबीबीएस एमडी पैथोलॉजी रजिस्ट्रेशन नं. 013937 की स्टैम्प व हस्ताक्षर की मोहर लगी हुई मिली व कांउटर पर ही डॉक्टर मनीष के नाम की स्टैम्प व उनके हस्ताक्षर की स्टैम्प रखी हुई मिली। जिन्हें सुतेन द्वारा प्रयोग करके ब्लड इत्यादी की टेस्ट रिपोर्ट तैयार करने में फर्जी तरीके से प्रयोग किया जा रहा था। सुतेन द्वारा बिना किसी वैध डिग्री के फर्जी तरीके से लैब रिपोर्ट तैयार करने पर डॉक्टर सरफराज की शिकायत पर सुतेन व सीमा के विरुद्ध थाना हथीन में अभियोग अंकित किया जा रहा है।
कार्यवाही के दौरान इस स्थान पर एक्सरे इत्यदि की मशीने व दुकान में एसी चलता पाये जाने पर बिजली चोरी होने के शक में बिजली बोर्ड की टीम मौके पर बुलाई गई। चेकिंग पर इस स्थान पर सेंक्शन लोड करीब 1 किलोवाट का कनेक्शन लिया हुआ है व मोके पर करीब 8 किलोवाट लोड पाया गया। इस प्रकार लैब संचालक द्वारा करीब 7 किलोवाट बिजली चोरी पाई गई, जिस सम्बध में बिजली का अतिरिक्त लोड पाये जाने पर बिजली विभाग द्वारा अलग से एलएल1 फार्म भरा गया। जिस पर अलग से जुर्माना निर्धारित कराया जाएगा।



