मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के लाभ के लिए 25 जून तक करें आवेदन : यशपाल

- धान की जगह वैकल्पिक फसल की खेती करने वाले किसानों को दिया जाएगा अनुदान
- सरकार द्वारा 7 हजार रूपए प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान दिया जाएगा
- किसान को मेरा पानी-मेरी विरासत एवं मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर करवाना होगा पंजीकरण
- पंजीकरण के सभी दस्तावेज कृषि विभाग में करवाने होंगे जमा
फरीदाबाद, 22 जून (मनीष शर्मा) : उपायुक्त यशपाल ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के कल्याण के लिए क्रियान्वित की जा रही लाभकारी योजना (मेरा पानी-मेरी विरासत) के तहत धान की जगह वैकल्पिक फसल की खेती करने वाले किसानों को 7000 रूपए प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान प्रदान किया जायेगा। इसके लिए किसान को मेरा पानी-मेरी विरासत पोर्टल व मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर 25 जून तक पंजीकरण करवाना होगा।
उपायुक्त यशपाल ने बताया कि योजना के तहत इस खरीफ, 2021 के दौरान अपने पिछले वर्षों के खरीफ धान के खेतों में धान को छोडकऱ अन्य फसल जैसे कपास, मक्का, अरहर, मूंग, बागवानी/सब्जी, मोठ, उड़द, सोयाबीन, ग्वार, तिल, मूंगफली, खरीफ प्याज और सभी खरीफ चारा फसलों की बिजाई करने वाले किसान भी प्रोत्साहन प्राप्त करने के पात्र होंगे। पिछले खरीफ, 2020 के दौरान एमपीएमवी के तहत फसल विविधीकरण को अपनाने वाले किसान भी इस वर्ष प्रोत्साहन प्राप्त करने के पात्र हैं, यदि वे उसी खेत में धान के बजाय वैकल्पिक फसलों की बिजाई जारी रखते हैं। इस खरीफ, 2021 के दौरान अपने पिछले वर्षों के खरीफ धान के खेतों को खाली रखने वाले किसान भी प्रोत्साहन प्राप्त करने के पात्र होंगे।
उपायुक्त यशपाल ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए उपनिदेशक कृषि विभाग अनिल कुमार अथवा सहायक कृषि अभियंता सुधीर कुमार और कृषि विकास अधिकारी श्याम सुन्दर से उनके दूरभाष न0 9416512995 पर सम्पर्क करके स्कीम के अंदर अपने आपको पंजीकृत करवा सकते हैं। उन्होने किसानों से आह्वाहन किया कि मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम के तहत स्वयं को पंजीकृत करवाकर सरकार की योजना का लाभ उठाएं। इच्छुक किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए आगामी 25 जून तक पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए फरद लेने हेतु पटवारियों के चक्कर लगाने की भी आवश्यकता नहीं है। इसके लिए jamabandi.nic.in से ऑनलाइन फरद प्राप्त की जा सकती है।



