फ़रीदाबाद दिशा की बैठक में गूंजा पृथला हल्के के 7 गांवों का मुद्दा
पृथला विधायक रघुबीर तेवतिया बोले-7 गावों के हजारों करोड रूपये लेने के बावजूद विकास क्यों है शून्य, कहां गया गावों का पैसा

- विधायक बोले- पृथला क्षेत्र के 7 गावों में शहरी सुविधाओं सहित विकास कार्य कराए नगर निगम
फरीदाबाद : जिला विकास एवं समन्वय निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पृथला के विधायक रघुबीर तेवतिया ने विशेष रूप से भाग लेकर पृथला क्षेत्र के 7 गांव जो निगम में शामिल हैं उनकी अनदेखी का मुद्दा बुलंद आवाज में उठाया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री, जिला उपायुक्त व निगम कमिश्नर के समक्ष विधायक रघुबीर तेवतिया ने क्षेत्र के 7 गांव की पंचायतों के हजारों करोड़ रुपये का मुद्दा उठाते हुए प्रश्र किया कि आखिर इन गावों का पैसा कहां गया। उन्होंने खुलकर कहा कि क्योंकि पृथला क्षेत्र के 7 गांव जिनमें चंदावली, मछगर, मुजेडी, नवादा, सोतई, साहुपुरा व मलेरना को नगर निगम में शामिल किया गया है और इन ग्राम पंचायतों के हजारों करोड रूपये नगर निगम ने ले लिया लेकिन विकास में नाम पर उपरोक्त गावों के लोगों को कोई सुविधा नहीं दी जा रही। इन गावों की जमीन आईएमटी फरीदाबाद व रिहायसी सेक्टरों के लिए अधिगृहित की गई थी जो राशी हजारों करोड रूपये नगर निगम के खाते में आई है, इसलिए नगर निगम को इन गावों का पैसा इन्हीं गावों के विकास पर लगाना चाहिए न कि निगम का कर्जा उतारने में। उन्होंने कहा कि जब से ये गांव नगर निगम में शामिल हुए हैं तब से इन गावों में विकास जीरो हो गया है, इन गावों में सडकों का बुरा हाल है और सफाई और सीवर व्यवस्था बदहाल हो गई है जिससे लोग बदहाली की जिंदगी जीने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द उपरोक्त 7 गावों में आरएमसी सडक़, स्ट्रीट लाइट, सीवर, श्मशान घाट निर्माण, डिस्पेंसरी और सरकारी स्कूलों के निर्माण, पानी के ट्यूबवेल, प्रॉपर्टी आईडी और बदहाल सफाई व्यवस्था से जुड़े मुद्दे, लाइब्रेरी निर्माण सहित अन्य दूसरे विकास कार्यों पर कार्य जल्द से जल्द कार्य शुरू कराया जाए।
इस मौके पर पत्रकारों विधायक रघुबीर तेवतिया ने कहा कि दरसल में भाजपा के मंत्रियों में वर्चस्व की लडाई के चलते निगम सदन के पार्षद और मेयर गुटबाजी के शिकार हंै। भाजपा को क्षेत्र में विकास से कोई लेना-देना नहीं है जिससे निगम इलाके की लाखों लोग अपने विकास कार्यों को लेकर तरस रहे हंै। उन्होंने खुलकर कहा कि भले ही वह विपक्ष के विधायक हैं लेकिन वह लोगों की आवाज को दबने नहीं देंगे चाहे इसके लिए उन्हें धरना-प्रदर्शन से लेकर कितना ही बडा आंदोलन क्यों न करना पडे। विधायक तेवतिया ने कहा कि दरसल में भाजपा सरकार ने एक सोची-समझी चाल के तहत इन गावों को नगर निगम में शामिल किया था क्योंकि उन्हें पता था कि इन गावों की पंचायतों के पास हजारों करोड रूपये संपत्ति हैं इसलिए इनका पैसा लेकर कर्ज में डूबी नगर निगम को कर्ज उतारा जा सके। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती तो सबसे पहले उनकी प्राथमिक्ता उपरोक्त 7 गावों को निगम से हटाकर वापिस ग्राम पंचायत बनवाने की रहती क्योंकि जब गांव के पास इतना रूपया है तो फिर गांव के सरपंच अपने-अपने गावों का विकास करते, उन्हें किसी के समक्ष हाथ फैलाने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि इन सात गावों के लोग निगम में शामिल होने के बाद पछता रहे हैं। उन्होंने मुजेडी से नाबाद सड़क निर्माण में लगी घटिया सामग्री की विजलेंस जाँच की मांग रखी। मौके पर केंद्रीय मंत्री गुर्जर ने विधायक तेवतिया की सभी मांग को जायज बताया।



