हर व्यक्ति, हर वर्ष एक पेड़ लगाए और 3 साल तक पाले: डीसी जितेंद्र यादव

- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्री सिद्धदाता आश्रम की नारायण गौशाला में पौधरोपण के अवसर पर बोले उपायुक्त
फरीदाबाद, 6 जून। उपायुक्त जितेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार आजादी के अमृत महोत्सव के तहत पर्यावरण दिवस पर लोग प्रेरणा लें कि वह हर वर्ष एक पौधा लगाएंगे और उसे तीन साल तक पालकर बड़ा करेंगे। इस प्रकार हमारी धरती मां कुछ ही वर्षों में हरी भरी हो जाएगी।
यह बात जिला उपायुक्त जितेंद्र यादव ने श्री नारायण गौशाला में पौधा रोपण कार्यक्रम में कही। जहां वह श्री सिद्धदाता आश्रम द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।
उन्होंने यहां आश्रम के अधिपति जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य के साथ पिलखन, शहतूत, जामुन आदि के पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आश्रम के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर जिला उपायुक्त जितेंद्र यादव ने कहा कि आश्रम हरियाली से परिपूर्ण है। लोगों को अपने जीवन में प्रति वर्ष एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। इसके साथ हम अपने जन्मदिन और विभिन्न वर्षगांठ पर भी पौधे लगाएं और उन्हें कम से कम तीन साल तक पालें। उन्होंने कहा कि हमारे देश की आबादी करीब 135 करोड़ है। इस प्रकार हम हर साल बड़े आराम से इतने पौधे तो लगा ही सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम पृथ्वी को जो देते हैं, वही हमें बढ़ाकर देती है।
डीसी जितेन्द्र यादव ने कहा कि कोरोना काल में लोगों ने देखा कि किस प्रकार पूरी धरती और अंबर साफ सुथरे हो गए थे।
उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण करने और उन्हें भी इसका हिस्सा बनाने पर गुरु महाराज का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आश्रम पर्यावरण के लिए अनेक प्रयास कर रहा है। जिससे लोगों को प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने कहा कि वह यहां बार बार आएंगे।
डीसी जितेन्द्र यादव ने यहां गोबर से ब्रिक्स बनाने की मशीन भी देखी और इस प्रयास की प्रशंसा की। उन्होंने यहां गिर नस्ल की गऊओं के होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और उन्हें चारा भी दिया।
इस अवसर पर जगद्गुरु स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने जिला उपायुक्त जितेंद्र यादव को पौधा आशीर्वाद स्वरूप भेंट किया।
गुरुजी ने कहा कि उपायुक्त जितेंद्र यादव धार्मिक सामाजिक व्यक्तित्व के धनी और व्यवहारिक कुशल व्यक्ति हैं। वह लोगों के सामाजिक स्तर को ऊपर उठाने के लिए प्रयासरत हैं। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वह उन्हें स्वस्थ दीर्घायु प्रदान करें।



