“जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े” में जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात डॉक्टर परिवार नियोजन के लिए करेंगे जागरूक : डॉक्टर रणदीप सिंह पुनिया

फरीदाबाद, 30 जून। सीएमओ डॉ रणदीप सिंह पुनिया ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस हर वर्ष 11 जुलाई को मनाया जाता है। इसको मनाने का उद्देश्य है कि आम-जन को बढ़ती जनसंख्या के दुष्प्रभाव और नियंत्रण के उपायों के बारे में जागरुक कराया जा सके। उन्होंने बताया की वर्ष 1950 में दुनिया की आबादी लगभग ढाई अरब थी, जो सत्तर सालों बाद बढकर आज लगभग 7.5 अरब है जो की 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसी अंतराल में भारत की आबादी लगभग 35 करोड़ से बढ़ कर 135 करोड़ हो गई है जो की लगभग 400 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद की आबादी भी मात्र 30 वर्ष में दोगुनी हो चुकी है। अत: भारत की जनसंख्या वृद्धि की गति दुनिया की औसत गति से अधिक है।
भारत वर्ष के प्राकृतिक संसाधन और भूमि सीमित है अत: आबादी को भी सीमित करना आवश्यक है ताकि वर्तमान आबादी और भावी पीढ़ी के लिए समुचित भोजन, जल, आवास और रोजगार की व्यवस्था हो सके। जनसंख्या को नियंत्रित करने का कार्य केवल सरकार का ही नहीं है, बल्कि आज की युवा पीढ़ी भारत का भविष्य तय करेगी। आज के युवा दम्पत्ति यदि जिम्मेदारी से परिवार को नियोजित करें तो जनसंख्या वृद्धि पर लगाम संभव है। पड़ोसी देश- बांग्लादेश ने अपनी आबादी वृद्धि को सराहनीय रूप से कम किया है। जिसका मुख्य श्रेय वहाँ के युवकों, विशेषकर नवयुवतियों व नवविवाहताओं द्वारा परिवार नियोजन बारे जागरूकता व अपनी जिम्मेदारी समझने को जाता है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा युवा दम्पत्तियों को परिवार नियोजन में सहायता के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए जाते हैं। गत 27 जून से 10 जुलाई तक ‘दम्पति संपर्क पखवाड़ेÓ में स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा, एएनएम अपने कार्यक्षेत्र में युवा दम्पत्तियों से संपर्क कर परिवार नियोजन के विभिन्न विकल्पों की जानकारी साझा करेंगे तथा उचित विकल्प चुनने में सहायता करेंगे। आगामी 11 जुलाई, यानि विश्व जनसंख्या दिवस से 24 जुलाई तक ‘जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ेÓ में जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात डॉक्टर परिवार नियोजन के विभिन्न स्थायी-अस्थायी उपायों-जैसे सहेली, अंतरा, कापर-टी, निरोध आदि के बारे में परार्मश देंगे व चुने हुए साधन को अपनाने में मदद करेंगे।
सिविल हस्पताल और एफआरयू सेक्टर-3 व सैक्टर- 31 तथा बल्लभगढ़ स्थित सरकारी नागरिक अस्पताल में इस दौरान परिवार नियोजन के स्थायी उपायों बारे कैम्प भी आयोजित किया जा रहा है। अत: जिला के युवाओं, युवतियों व युवा दम्पतियों से अपील है की वे देश व अपने भावी परिवार के सुखद व समृद्ध भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी समझते हुए परिवार नियोजन के विचार के प्रति जागरूक हों तथा आवश्यकता अनुसार परिवार नियोजन के उपायों को अपनाएं। शादी एक जिम्मेदारी का संबंध है। अत: शादी की जिम्मेदारी के साथ तय करें तथा परिवार में दो बच्चों के बीच उचित अंतर रखें। जैसे कोरोना को हराने का तरीका सामाजिक दूरी है वैसे ही जनसंख्या वृद्धि को हराने का तरीका दो बच्चों के बीच उचित अंतर है।



