विभिन्न देशों की कला और संस्कृति का मिलन कर रहा सूरजकुंड मेला

सूरजकुंड, 02 अप्रैल। सूचना एवं क्रांति के इस युग में विश्व एक ग्लोबल विलेज बन चुका है। ऐसे में विश्व के सभी देशों में कला एवं संस्कृति का भी आदान प्रदान हो रहा है। नागरिक अक्सर दूसरे देशों के कुछ आईटम अपने घर के डा्रईंग रूम की शोभा बढ़ाने के लिए प्रयोग करते हैं। ऐसे नागरिकों के लिए सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्त शिल्प मेला एक बड़ा अवसर लेकर आया है।

फरीदाबाद की अरावली में लगे इस अंतर्राष्ट्रीय मेले में घरेलू आईटम से लेकर फैसन की दुनिया के बेहतरीन कलैक्शन उपलब्ध हैं। इस मेले में विश्व के 30 देशों के कलाकार अपनी कला एवं संस्कृति को दिखाने यहां पहुंचे हैं। अक्सर देखने में आता है कि हम किसी दूसरे देश से लाई गई वस्तु को अपने मित्रों व रिश्तेदारों को दिखाकर गौैरानवित महसूस करते हैं। दूसरे देश से लाई जाने वाली उच्च क्वालिटी की वस्तुएं इस समय सूरजकुंड के इस मेले में खरीदने का एक सुनहरा अवसर है। इनमें नेपाल का पसमीना शाल, अफगानिस्तान का ड्राईफ्रूट, यूगांडा की लकड़ी की कारिगरी, मलेशिया के कार्क की लकड़ी से बनी वस्तुएं, कजाकिस्तान के परिधान, इस्तांबुल के झूमर श्रीलंका के सूट, घाना के वुडक्राफ्ट, सूड़ान की साड़ी, लेबनान के आभूषण, नाइजीरिया के परिधान, ट्यूनीशिया के हैंडबैग, अफगानी गलीचे, सीरिया के स्टॉल, कजाकिस्तान के कंबल सहित विभिन्न देशों की वस्तुएं हैं।

मेले में साज-सज्जा की वस्तुओं के अलावा अलग-अलग देशों की संस्कृतियों के संगीत पर थिरकते लोग भी मेले के आकर्षण का केंद्र बने हैं।

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