गांव अरुआ चांदपुर में घर से अगवा कर नाबालिक लडके की हत्या के मुकदमें में थाना छायंसा पुलिस टीम ने 3 आरोपियो को किया गिरफ्तार
मृतक के दोस्त ने ही की थी हत्या, किसी बात को लेकर थी मृतक के साथ रंजिश

फरीदाबाद : बता दे कि 1 मार्च को थाना छायंसा में गांव अरुआ निवासी किशोर दीपक की अगवा करने की एक शिकायत किशोर के भाई के द्वारा दी गई थी जिस पर मुकदमा दर्ज कर किशोर की तलाश की जा रही थी। शिकायत में किशोर दीपक के भाई ने बताया कि 29 फरवरी को कोई अनजान व्यक्ति किशोर दीपक को अपने साथ बैठाकर ले गया था। पुलिस टीम को जांच के दौरान किशोर को अगवा करने वाले के नाम सामने आए।
मृतक सपेरे समुदाय से है और आरोपी फकीर समुदाय से हैं संबंध रखते हैं। दोनों पक्ष का घर आसपास में है पारिवारिक दोस्ती है एक दूसरे के घर आना जाना है
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने मुकदमें के संबंध में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम के द्वारा मुकदमें में कार्रवाई करते हुए एजाद को शाहापुर से काबू कर आरोपी को अपने साथ उत्तर प्रदेश के दनकौर लेकर गए वहा से आरोपी शुहान को काबू किया है। आरोपी साबिर को भी शाहापुर से काबू कर लिया गया। मुकदमें में अपराध शाखा सेक्टर-65 की मदद से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियो से किशोर दीपक की मृत्यु का खुलासा हुआ है। जिसमें आरोपी साबिर ने बताया कि मृतक उसकी बहन से बात करता था। जिसको लेकर साबिर किशोर को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर यमुना के किनारे करीब रात्रि 8 बजे लेकर गया था। वहा पर पहले से ही शुहान मौजूद था। किशोर दिपक के साथ शुहान व साबिर का झगडा हुआ। झगडे में शुहान व साबिर ने किशोर दिपक को कपडे की मदद से गला दबाकर मार दिया था। आरोपी गढढा खोदने के लिए फावड़ा लेने गया तथा एजाद को साथ बैठाकर लाया। आरोपियो द्वारा मामले में किसी को सूचना ना मिले इसको लेकर मृतक के शव को यमुना पार करके उत्तर प्रदेश की तरफ वाले किनारे पर ले जाकर गढ्ढा खोदकर रात्रि करीब 11 बजे दबाया गया था। आरोपी एजाद से पूछताछ में सामने आया कि वारदात की योजना एजाद की थी। आरोपी व मृतक आस पास के रहने वाले है।
मुकदमें में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उच्च अधिकारियो को मुकदमें के संबंध में सूचना दी जिस पर शव को निकालने के लिए एक तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। यमुना के किनारे से तहसीलदार की मौजूदगी में रात्रि करबी 8-9 बजे शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल में रखा गया था।
पुलिस टीम के द्वारा तीनों आरोपियो से पूछताछ के बाद अदालत में पेश कर आरोपी एजाद और साबिर को जेल भेजा गया है तथा आरोपी शुहान को पुलिस रिमांड पर लिया था जिसे पूछताछ करने उपरांत जेल भेज दिया है



