महिला सशक्तिकरण समय और उन्नत समाज की आवश्यकता

फरीदाबाद ! राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला सशक्तिकरण विषय पर विशेष आयोजन किया गया। यह आयोजन प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में खुशी एन जी ओ तथा विद्यालय की जूनियर रेड क्रॉस, गाइडस व सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड के सहयोग से आयोजित किया गया। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि इस कार्यक्रम में विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं की माताओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया ताकि वे अपनी बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण पर और भी अधिक ध्यान दे सके। कार्यक्रम में उपस्थित एस एम सी की सदस्याओं और विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं की माताओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य  रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है जिस से हमारी बेटियां सशक्त हो कर समाज में अद्वितीय स्थान बना कर दूसरे के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत आज से 112 वर्ष पहले यानी साल 1908 में हुई थी, जब अमरीका के न्यूयॉर्क शहर में क़रीब 15 हज़ार महिलाएं सड़कों पर उतरी थीं। ये महिलाएं काम के कम घंटों, बेहतर तनख़्वाह और वोटिंग के अधिकार की मांग के लिए प्रदर्शन कर रही थीं। महिलाओं के इस विरोध प्रदर्शन के एक साल बाद, अमरीका की सोशलिस्ट पार्टी ने पहले राष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने की घोषणा की थी। महिला दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने का विचार एक महिला क्लारा ज़ेटकिन का था।क्लारा ज़ेटकिन ने वर्ष 1910 में विश्व स्तर पर महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव किया था।पहला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस वर्ष 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटज़रलैंड में मनाया गया था। इसका शताब्दी समारोह वर्ष 2011 में मनाया गया था।  इसलिए, तकनीकी रूप से इस साल हम 109वां अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को औपचारिक मान्यता वर्ष 1975 में उस वक़्त मिली, जब संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसे मनाना शुरू किया। इस अवसर पर प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर रिचा सिंह और वाइस प्रिंसिपल ललिता सिंह ने भी उपस्थित सभी महिलाओं को अपनी बेटियों को बेटों के समान ही सुविधाएं देने और शिक्षा प्राप्त करने के समुचित अवसर देने की जरूरत पर बल दिया। खुशी संधार से शालू, निधि, तृप्ति, सुमन, ज्योति और साधना ने कार्यक्रम सफल बनाने में विशेष सहयोग दिया। खुशी संस्था कि ओर से सभी सदस्यों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!