दो वक्त की रोटी भारी संकट में !

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 9 अप्रैल। किसी भी इंसान को अपना गृहस्थ जीवन सही सलामत चलाने के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना बेहद जरूरी होता है! जब किसी भी व्यक्ति की दो वक्त की रोटी पर ही संकट आ जाये तो समझें कि उस व्यक्ति का जीवन भारी संकट में है! आज हमारे देश में दो वक्त की रोटी का भारी संकट हमारी सत्तासीन सरकार के माननीय प्रधानमंत्री के द्वारा जानबूझ कर की गई बार बार भारी गलतियों की वजह से ही आया है! हमारे देश के करोड़ों गरीब मजदूर कामगार लोगों व करोड़ों मध्यम वर्ग के लोगों को आज दो वक्त की रोटियां भी नसीब में नहीं है क्यों कि हमारे प्रधानमंत्री ने इस वक्त भारी गलतियां करते हुए कोरोना जैसे खतरनाक वायरस को हमारे देश में जानबूझ कर आने का निमंत्रण दिया और हमारे देश में कोरोना फैलाने के मनगढ़ंत आरोप कभी चीन व कभी जमाती मुस्लिमों पर लगाये जा रहे हैं! यह एक बेहद शर्मनाक बात है! जनहित व देशहित में लेखनी के माध्यम से तथ्यों के आधार पर कटु सत्य भरी खबरें लिखने वालों को आजकल सोशल मीडिया पर जबरदस्त गंदी गंदी गालियां दी जाती है व साथ में ही भाजपा के कुछ तथाकथित सनर्थकों के द्वारा सोशल मीडिया व वट्सएप पर कोरोना वायरस के इलाज के लिए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महान हीरो के तौर पर पेश करते हुए पूरी तरह से कोरोना वायरस की ब्रांडिंग व मार्केटिंग करते हुए और साथ में ही हिंदू मुस्लिमवाद की नफऱत का तडक़ा कोरोना वायरस में लगाते हुए एक सुनियोजित तरीके से प्रचार किया जा रहा है जो कि जनहित व देशहित में नहीं है!

जनहित व देशहित में जमीनी स्तर पर जब कोरोना वायरस की भारत में प्रवेश की सच्चाई के बारे में गहराई से जांच की गई तो इस में भारत सरकार की बहुत बड़े स्तर पर लापरवाही पायी गई! कोरोना वायरस जब चीन में दिसंबर,जनवरी व फरवरी के महीने में पूरी तरह से छाया हुआ था व चीन में हजारों मौतें हो चुकी थी तो उस समय दिसंबर,जनवरी व फरवरी के महीने में भारत के हवाई अड्डों पर जो भी यात्री विदेशों से आ रहे थे उन को कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण हवाई अड्डों के पास ही क्वारेंटाइन सेंटर बना कर पूरी तरह से आइसोलेट नहीं किया गया और उन हवाई यात्रियों की फर्जी तौर पर जांच कर के उन्हें अपने अपने घर जाने दिया गया! भारत में कोरोना वायरस फैलने का यही सब से बड़ा कारण है!

अब सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी लापरवाही जानबूझ कर भारत सरकार ने क्यों की? जांच करने पर मालूम पड़ता है कि हमारे प्रधानमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के मद्धेनजर हमारे सभी हवाई अड्डों पर विदेश से आने वाले यात्रियों को खुली छूट दे रखी थी जो कि हमारे लिए बहुत बड़ा संकट साबित हुई! 24 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप भारत आये! उनके जाने के बाद भी हमारे प्रधानमंत्री ने भारतीय हवाई अड्डों के पास कोई भी क्वारेंटाइन सेंटर नहीं बनाये और विदेशों से हमारे देश में यात्री मार्च के महीने में भी बेरोकटोक आते रहे! विदेशों से हमारे देश में जो लोग दिसंबर से मार्च तक आयें वे सभी धर्म व सभी जातियों के मिले जुले थे! परंतु इस वक्त वर्तमान में विदेशों से आये हुए केवल मुस्लिमों पर ही कोरोना वायरस फैलाने का इल्जाम लगाया जा रहा है! जब कि दिसंबर से मार्च तक जितने भी यात्री विदेशों से भारत में आयें उन सभी को हवाई अड्डों पर क्वारेंटाइन सेंटर बना कर आइसोलेट करना चाहिए था! इस बड़ी लापरवाही के चलते ही आज भारत में लॉक डाउन के तहत करोड़ों गरीब कामगार लोगों व करोड़ों मध्यम वर्ग के व्यापारी व किसान भाइयों को दो वक्त की रोटी का भारी संकट आ गया है!

लॉक डाउन की वजह से आये भारी आर्थिक संकट के बारे में जब किसान नेता चंद्रभान काजला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लॉक डाउन के चलते पशुओं के चारे की बहुत दिक्क्त आ रही है! पशुओं के लिए खल,चुरी व बिनौला भी बाजार से नहीं मिल पा रहा जिस कारण दुधारू पशुओं का दूध घटता जा रहा है! पशुओं के लिए हरा चारा व तुड़ा भी उपलब्ध नहीं हो रहा! चंद्रभान काजला ने बताया कि किसानों को फसल की कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे क्यों कि कोरोना वायरस के कारण फैलाये गये जबरदस्त भय व डर की वजह से लॉक डाउन के चलते सभी मजदूर अपने अपने घर चले गये हैं और तीन महीने तक मजदूरों का वापिस आना मुश्किल लग रहा है!

चंद्रभान काजला ने हरियाणा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक पुख्ता जानकारी के अनुसार हरियाणा के मुख्यमंत्री ने लॉक डाउन के चलते आदेश दिये हैं कि किसान अपनी गेहूं को जब मंडियों में सरकार को बेचने के लिए आयेंगे तो प्रत्येक किसान को 5 किलो गेहूं प्रति क्विंटल हरियाणा सरकार को दान में देना होगा! यह एक बेहद शर्मनाक आदेश है! इस आदेश से लगता है कि प्रदेश सरकार जानबूझ कर किसानों को कतई कंगाल व फकीर बनाने पर उतारू हो गई है! लॉक डाउन के चलते एक तो पहले ही किसान भारी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है और दूसरी तरफ किसान से गेहूं ही दान में ली जा रही है!

हरियाणा सरकार का कहना है कि प्रदेश की सरकार जबरदस्त आर्थिक संकट में घिर गई है! यह एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में खबर छपी है! कोरोना वायरस के नाम पर व्यापारियों व उद्योगपतियों से जबरदस्त धन दान में लिया जा रहा है तो फिर प्रदेश सरकार आर्थिक संकट में कैसे आई? विश्वसनीय सूत्रों से मालूम हुआ है कि हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों का वेतन व पेंशन अभी तक नहीं मिली और इसका कारण आर्थिक संकट बताया गया!

कोरोना वायरस के नाम पर यह एक महा नौटंकी की जा रही है! देश के प्रधानमंत्री के द्वारा कोरोना वायरस के नाम पर की जा रही नौटंकीबाजी व गलतियों पर पर्दा डालने के लिए ही हरियाणा के मुख्यमंत्री भी जानबूझ कर प्रदेश के मध्यम वर्ग के व्यापारियों व कामगार गरीब मजदूरों पर जबरदस्ती लॉक डाउन लाद कर इस वर्ग को कंगाल व फकीर बनाने पर तुले हुए हैं! कोरोना वायरस को जानबूझ कर प्रधानमंत्री की जिद्व के चलते भारत में लाया गया व अब जबरदस्त भुखमरी के फैलने के डर से कोरोना वायरस के नाम पर जबरदस्त नौटंकी की जाने लगी है!

प्रदेश के मध्यम वर्ग का जो व्यापारी दुकानें किराये पर ले कर अपना काम कर रहा है उसे इस लॉक डाउन के लंबे समय का बिना दुकान खोले किराया देना पड़ेगा व अपने कर्मचारियों का वेतन भी बिना काम किये देना पड़ेगा! इसके बारे में प्रदेश सरकार ने व्यापारियों को राहत देने की कोई योजना घोषित नहीं की! बैंकों के द्वारा दिये गये कर्ज की किश्तें तीन महीने तक स्थगित किये जाने की घोषणा की भी धज्जियां उडऩी शुरू हो चुकी हैं व कई बैंक कर्ज की किश्तों का रुपया ग्राहकों के खातों में पड़े हुए बैलेंस से निकाल रहे हैं जो कि इस आर्थिक संकट के समय बहुत ही गलत है! लॉक डाउन के तहत मिठाई की दुकानों पर रखे हुए मिठाइयों के बड़े भारी स्टॉक के बारे में कोई ठोस योजना नहीं दी गई! फरीदाबाद के अशोका रेस्टोरेंट के मालिक अशोक जिंदल का कहना है कि मिठाई की दुकानों में लाखों रुपयों की मिठाई लॉक डाउन के तहत दुकानें बंद होने की वजह से बुरी तरह से सड़ रही है जो कि बहुत बड़ी बर्बादी है!

अशोक जिंदल का कहना है कि जैसे प्रदेश के किसानों को ओलावृष्टि के कारण फसलों के बर्बाद होने पर मुआवजा दिया जाता है उसी प्रकार लॉक डाउन के तहत मिठाई बेचने वाले हजारों दुकानदारों को उन की मिठाई सड़ जाने के कारण जो भारी आर्थिक नुकसान हुआ है उस के लिए प्रदेश सरकार इन दुकानदारों को भारी राहत दे!

गुरुग्राम के सिरेमिक टाइल्स व पत्थर विक्रेता सुमित सिंगला का कहना है कि प्रदेश सरकार 14 अप्रैल के बाद जनहित में लॉक डाउन में यथा संभव राहत जरूर दे ताकि व्यापारी अपनी दुकानें रोजाना कुछ घंटों के लिए खोल सकें व बैंकों में लेन देन की कार्यवाही कर सकें! व्यापारी वर्ग ने लॉक डाउन के तहत देशहित में सरकार का पूरा पूरा सहयोग किया है! सुमित सिंगला ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार को भी अब व्यापारियों के आर्थिक संकट को देखते हुए लॉक डाउन में धीरे धीरे यथा संभव राहत देनी चाहिए!

मजदूर नेता एवं द्रौण रेहड़ी पटड़ी एसोसिएशन के महासचिव राजेंद्र सरोहा का कहना है कि रेहड़ी पटड़ी का काम करने वाले अधिकांश गरीब लोग किराये पर रहते हैं! लॉक डाउन के चलते इन गरीब रेहड़ी पटड़ी वालों का पूरा धंधा चौपट हो गया है और ये गरीब लोग मकान मालिकों को किराया नहीं दे पा रहे! प्रदेश सरकार ने रेहड़ी पटड़ी वालों को किराये के विषय में अभी तक कोई राहत नहीं दी! राजेंद्र सरोहा ने बताया कि गुरुग्राम के डूंडाहेड़ा इलाके के रेहड़ी पटड़ी वालों में डर व आशंका है कि उन के मकान मालिक उन से किराये पर ब्याज भी वसूल सकते हैं जो कि बड़ा भारी जुल्म होगा! प्रदेश सरकार से मांग करते हुए सरोहा ने कहा कि रेहड़ी पटड़ी वालों को किराये की राहत दी जाये! गुरुग्राम में लॉक डाउन पीडि़तों के लिए भोजन व राशन वितरण में जो लापरवाही बरती जा रही है उस के बारे में राजेंद्र सरोहा का कहना है कि स्ट्रीट वेंडर को माइक्रो स्तर पर भोजन बनाने व भोजन वितरण का काम दिया जाये ताकि भोजन व्यवस्था ठीक हो सके! इससे स्ट्रीट वेंडर्स को काम भी मिल जायेगा!

मजदूर नेता राजेंद्र सरोहा ने मजदूरों की समस्या हल करने के लिए प्रदेश सरकार से मांग की है कि मध्यम व बड़े उद्योगों में जो मजदूर काम कर रहे थे लेकिन वे कंपनी के पे रोल पर नहीं थे उनको भारी राहत दी जाये! प्रदेश सरकार ने इन मजदूरों को राहत देने के लिए कोई नीति अभी तक नहीं बनाई! पंजीकृत मजदूरों को राहत देने के लिए जो फार्म भरे जाने हैं उन फार्मों को ऑनलाइन निकालने के लिए संबंधित वेबसाइट नहीं खुल रही और पंजीकृत मजदूर भी राहत के लिए दर दर भटक रहे हैं!

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