सामूहिक दुष्कर्म के बाद युवती की हत्या, दोनों दोषियों को उम्रकैद

दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या, सबूत मिटाने के लिए शव को फंदे पर टांग दिया

  • चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखकर, फरीदाबाद पुलिस द्वारा मामले की ठोस पैरवी की गई

फरीदाबाद, 11 अगस्त। थाना मुजेसर क्षेत्र में वर्ष 2023 में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या किए जाने के मामले में करीब तीन साल चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों आरोपितों को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फरीदाबाद श्री पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने मंगलवार को दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।फरीदाबाद पुलिस की ओर से प्रभावी अनुसंधान के साथ-साथ मजबूत पैरवी करने के लिए केस को चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखा गया और विचारण के दौरान माननीय न्यायालय में फरीदाबाद पुलिस द्वारा केस की ठोस पैरवी की गई।

दोषियों की पहचान प्रहलाद निवासी जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश, हाल किराएदार गांव मुजेसर, फरीदाबाद तथा मुकेश निवासी गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश, हाल किराएदार सेक्टर-7, फरीदाबाद के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस ने 27 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया था।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, वर्ष 2023 में थाना मुजेसर क्षेत्र में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पीड़िता के भाई की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

मामला गंभीर और जघन्य प्रकृति का होने के कारण इसकी जांच क्राइम ब्रांच डीएलएफ, फरीदाबाद को सौंपी गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने मामले की जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए और दोनों आरोपितों को 27 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए जांच को आगे बढ़ाया और भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किया और 29 जुलाई 2023 को माननीय न्यायालय में चालान पेश कर दिया।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामले को चिन्हित श्रेणी में रखा गया तथा प्रत्येक सुनवाई पर फरीदाबाद पुलिस की ओर से माननीय अदालत में प्रभावी पैरवी की गई।

उप जिला न्यायवादी श्रीमती डॉ रेखा जांगड़ा ने बताया कि अभियोजन पक्ष की तरफ से 25 गवाहों की गवाही न्यायालय के समक्ष दर्ज हुई। गवाहों के बयान, भौतिक व तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस द्वारा की गई जांच के आधार पर अभियोजन पक्ष ने माननीय अदालत में मामले की मजबूत पैरवी सुनिश्चित की गई, जिससे जघन्य अपराध के दोनों आरोपितों को कानून के तहत सजा दिलाने में सफलता मिली। 11 अगस्त 2026 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने दोनों आरोपितों को दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ-साथ न्यायालय में मामले की प्रभावी पैरवी भी पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस टीमों द्वारा गंभीर मामलों में वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित जांच पर जोर दिया जा रहा है, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके।

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