जे.सी. बोस विश्वविद्यालय को प्राप्त हुआ हरियाणा स्टार्टअप नीति-2022 के तहत स्टार्टअप वेयरहाउस इनोवेशन कैंपस योजना का लेटर ऑफ इंटेंट

फरीदाबाद, 3 अक्टूबर : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद को हरियाणा स्टार्टअप नीति-2022 के तहत शुरू की गई नई स्टार्टअप वेयरहाउस /इनोवेशन कैंपस योजना के अंतर्गत सहायता के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (आशय पत्र) प्राप्त हुआ है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में आयोजित स्टार्टअप हरियाणा सेवा संकल्प के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्वविद्यालय को यह आशय पत्र प्रदान किया। यह पहल हरियाणा में स्टार्टअप, नवाचार और युवा उद्यमिता के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

विश्वविद्यालय की ओर से यह आशय पत्र कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक, कुलसचिव प्रो. अजय रँगा तथा जे.सी. बोस टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर के निदेशक एवं वेयरहाउस/इनोवेशन कैंपस योजना के समन्वयक प्रो. संजीव गोयल ने प्राप्त किया।
नई स्टार्टअप वेयरहाउस इनोवेशन कैंपस योजना के अंतर्गत पूंजीगत व्यय के लिए 4 करोड़ रुपये तक तथा तीन वर्षों के लिए प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये तक के आवर्ती व्यय हेतु वित्तीय सहायता का प्रावधान है। यह सहायता योजना के प्रावधानों, पात्रता तथा संबंधित विभाग द्वारा औपचारिक स्वीकृति के अधीन होगी। योजना के माध्यम से स्टार्टअप्स के लिए प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं, मेंटरिंग, प्रोटोटाइपिंग, परीक्षण, बाजार विकास तथा प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक ने कहा कि यह आशय पत्र विश्वविद्यालय के नवाचार एवं उद्यमिता इकोसिस्टम को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा प्रयास रहेगा कि ऐसा सक्षम मंच विकसित किया जाए, जहां हमारे विद्यार्थियों और युवाओं के नवाचारी विचारों को उचित मार्गदर्शन, आवश्यक आधारभूत सुविधाएं और उद्योग जगत से जुड़ाव मिले तथा वे आगे चलकर सफल स्टार्टअप्स का रूप ले सकें।
यह उपलब्धि विश्वविद्यालय द्वारा नवाचार, इनक्यूबेशन, उद्यमिता और बौद्धिक संपदा अधिकार के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों को और गति प्रदान करेगी। प्रस्तावित इनोवेशन कैंपस के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवा उद्यमियों को आइडिएशन, प्रोटोटाइप विकास, मेंटरिंग तथा स्टार्टअप निर्माण के लिए बेहतर सहयोग उपलब्ध कराया जा सकेगा।
विश्वविद्यालय अपने जे.सी. बोस टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर के माध्यम से विद्यार्थियों और नवप्रवर्तकों को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। नवाचार, बौद्धिक संपदा अधिकार , अनुसंधान तथा उद्योग सहयोग से जुड़ी इन पहलों को प्रस्तावित इनोवेशन कैंपस से और मजबूती मिलेगी तथा विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों को तकनीक आधारित उद्यमों में परिवर्तित करने के प्रयासों को नया आयाम प्राप्त होगा।



