कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर ₹98 हजार की साइबर ठगी, खाता उपलब्ध करवाने वाला एक और आरोपित गिरफ्तार

साइबर थाना NIT की टीम की कार्रवाई, मामले में खाताधारक सहित तीन आरोपित पहले ही किये जा चुके हैं गिरफ्तार

फरीदाबाद, 19 अगस्त। कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर साइबर ठगी करने वाले आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए साइबर थाना NIT की टीम ने मामले में एक और आरोपित को रुद्रपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान फईम खान निवासी खेड़ा कॉलोनी, रुद्रपुर, जिला ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड के रूप में हुई है। उसने ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खाता उपलब्ध करवाया था। पुलिस ने आरोपित को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सेक्टर-56A, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना NIT में शिकायत दी थी कि उसने 23 दिसंबर 2025 को गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च कर संबंधित नंबर पर फोन किया था। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को कस्टमर केयर कर्मचारी बताते हुए बातचीत की और ₹10 सर्विस चार्ज लगने की बात कहकर फोन काट दिया।

कुछ समय बाद शिकायतकर्ता के व्हाट्सऐप पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उसे फोन-पे का बैलेंस चेक करने के लिए कहा। शिकायतकर्ता जैसे ही मोबाइल फोन पर बैलेंस चेक करने का प्रयास करने लगा, उसके मोबाइल फोन की स्क्रीन बंद हो गई। कुछ समय बाद उसे पता चला कि उसके बैंक खाते से ₹98,000 की रकम निकल चुकी है।

शिकायत के आधार पर साइबर थाना NIT में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने मामले में शामिल आरोपितों की कड़ियां जोड़ते हुए पहले खाताधारक सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। अब पुलिस ने फईम खान को गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपित फईम ने पहले गिरफ्तार किए जा चुके इलमान से खाताधारक इम्तियाज का बैंक खाता प्राप्त किया था। इसके बाद फईम ने यह खाता आगे साइबर ठगी के लिए आगे उपलब्ध करवाया। इसी खाते में शिकायतकर्ता से ठगी गई ₹98,000 की रकम ट्रांसफर हुई थी। आरोपित फईम रुद्रपुर में CSC सेंटर चलाने का काम करता है।

फरीदाबाद पुलिस की आमजन से अपील है कि किसी भी सेवा का कस्टमर केयर नंबर गूगल अथवा अन्य सर्च इंजन पर सर्च करते समय सावधानी बरतें। बैंक, यूपीआई अथवा किसी ऑनलाइन सेवा से संबंधित समस्या होने पर संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर उपलब्ध कस्टमर केयर नंबर का ही इस्तेमाल करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड न करें और न ही बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करें।

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