सोशल वर्क विद्यार्थियों के लिए ‘जैव विविधता और अरावली: हमारी पहाड़ियां, हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ विषय पर मास्टर क्लास
अरावली पर्वत श्रृंखला हमारी जीवन रेखा, इसका संरक्षण और पोषण मिलकर करना होगा : मनिंदर सिंह जोहर

- समाज कार्य के विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण संबंधी मुद्दों की समझ होना अत्यंत आवश्यक है: प्रो.पवन सिंह
फरीदाबाद, 07 सितंबर। जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा ‘वीकली स्किल बूस्ट’ श्रृंखला के तहत एक विशेष मास्टर क्लास का आयोजन किया गया। ‘जैव विविधता और अरावली: हमारी पहाड़ियां, हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ विषय पर आधारित यह सत्र बीएसडब्ल्यू और एमएसडब्ल्यू के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में ‘सेव अरावली ट्रस्ट’ के मनिंदर सिंह जोहर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अरावली पर्वत श्रृंखला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अरावली केवल पहाड़ियों की एक श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह हमारी जीवन रेखा है। आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हमें इसका संरक्षण और पोषण करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्राकृतिक विरासत की सुरक्षा, वन्य जीव एवं जैव विविधता के संरक्षण, तथा सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी प्रेरित किया।

विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पवन सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि मीडिया और समाज कार्य के विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण संबंधी मुद्दों की समझ होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करते हैं और उन्हें जमीनी स्तर पर काम करने के लिए तैयार करते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कोऑर्डिनेटर सहायक प्रोफेसर डॉ.अखिलेश त्रिपाठी और डॉ. नरेंद्र ढुल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सत्र के समापन पर उन्होंने मुख्य वक्ता मनिंदर सिंह जोहर का धन्यवाद व्यक्त किया और विद्यार्थियों से अरावली व पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।



