जे.सी.बोस विश्वविद्यालय में ‘दीपोत्सव-4.0’ धूमधाम से मनाया गया
रंगोली और नृत्य प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

- ‘दीपोत्सव’ का थीम ‘परंपरा से प्रगति तक’ विजेता हुए सम्मानित
फरीदाबाद, 5 नवंबर। जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,वाईएमसीए में पर्यावरण विभाग एवं वसुंधरा ईको क्लब द्वारा ‘दीपोत्सव-4.0’ का आयोजन किया गया। जिसमें ‘परंपरा से प्रगति तक’ थीम पर आधारित रंगोली प्रतियोगिता और नृत्य प्रतियोगिता जैसी विभिन्न स्पर्धाएं शामिल रही। कार्यक्रम में प्रतिभागियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साह और उमंग के साथ भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सभागार में सांस्कृतिक संध्या के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

विभागाध्यक्ष डॉ. रेणुका गुप्ता ने बताया कि ‘दीपोत्सव 4.0’ के अंतर्गत दो प्रमुख प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें ‘परंपरा से प्रगति तक’ थीम पर रंगोली प्रतियोगिता तथा नृत्य प्रतियोगिता शामिल रही। इन प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रंगोली प्रतियोगिता में 10 विद्यार्थी और नृत्य प्रतियोगिता में 17 विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताएं न केवल विद्यार्थियों के लिए रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच नहीं बल्कि विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक एकता और आपसी सहभागिता को भी बढ़ावा देने का माध्यम साबित हुईं। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त, वसुंधरा इको क्लब में पिछले दो वर्षों से निरंतर कार्य करते हुए अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले तीन विद्यार्थियों को भी उनकी समर्पित सेवाओं और उत्कृष्ट योगदान के लिए ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में नीतू गुप्ता, शैलजा, साक्षी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित सांस्कृतिक संध्या समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष एवं वसुंधरा इको क्लब की समन्वयक डॉ. रेणुका गुप्ता, सह समन्वयक डॉ.अनिता गिरधर, डीन प्रो.डॉ.अनुराधा शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.संजय कौशिक ने अपने बधाई संदेश में सभी विजेता प्रतिभागियों को बधाई और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखते हुए प्रदूषण रहित दिवाली मनाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित व प्रोत्साहित किया। ‘दीपोत्सव 4.0’ के माध्यम से पारंपरिक त्योहारों को पर्यावरण संरक्षण और रचनात्मकता से जोड़ने का प्रयास सराहनीय है।
सांस्कृतिक संध्या के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया।



