निष्काम कर्म करने से मिलती है मन को शांति : सुधांशु जी महाराज

फरीदाबाद : विश्व जागृति मिशन फरीदाबाद मण्डल की ओर से आयोजित सात दिवसीय विराट भक्ति सत्संग में पूज्य श्री सुधांशु जी महाराज ने अपने भक्तों को उपदेश दिया कि भगवान श्री कृष्ण जी ने गीता में अर्जुन को आदेश दिया कि हर प्राणी को अपने मन की शक्ति को पहचान कर मुझमें केंद्रित करके निष्काम कर्म करना चाहिए, अन्यथा यही मन सुख और दुख का कारण होता है। मन को पंच ज्ञानेन्द्रियों और पंच कर्म इंद्रियों का राजा बताते हुए पूज्य गुरु वर सुधांशु जी महाराज ने बताया कि मन अपार शक्तियों से परिपूर्ण है। जब प्राणी इसको संसार में केन्द्रित कर देता है तो यही मन सुख और दुख का कारण बन जाता है। इसी मन को निष्काम भाव से कर्म करते हुए मुझमें केन्द्रित करता है तो मुक्ति अर्थात् मोक्ष को प्राप्त कर लेता है।
सुधांशु जी महाराज ने कहा कि सद्गुरु सुधारवादी ह्दय कल्याणकारी आदर्श का व्यवहारिक पक्ष और युग की वाणी बनकर बोलते हैं। सफलता के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मस्तिष्क को ठंडा रखकर मृदुभाषी और विनम्र बने रहने से सफलता के रास्ते खुलते हैं। उन्होंने कहा कि विद्वान भरे संसार में रहते हुए स्वर्ग में रहते हैं और मरने पर भी वे अमर रहते हैं क्योंकि उनका जीवन हजारों वर्षों तक देवत्व प्राप्ति की प्रेरणा देता रहता है। हमें व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर समाज के चौमुखी विकास के लिए कुछ कार्य करने चाहिए जो सीखने के प्रति सजग है, समर्पित है, वही सच्चा शिष्य है।
सुधांशु जी महाराज ने कहा कि जो अपने कर्तव्य से जी नहीं चुराते उनके लिए प्रार्थना के फूल सदैव खिले एवं सुगंध से भरे हुए होते हैं। ध्यान रखें जैसे जैसे हम प्रभु के निकट होते जाते हैं वैसे हमारे अंदर एक पूर्णता आती जाती है। हमारा अधूरापन दूर हो जाता है। हमारी संपूर्णता जागृत होने लग जाती है। उन्होंने कहा कि कर्म करने से पहले सोचे कि मेरे से कोई गलत काम न हो जाए क्योंकि प्रकृति का नियम है कि कर्म फल अवश्य भोगना पड़ता है और प्रकृति के नियम तुम बदल नहीं सकते। इस बात को भी समझने की जरूरत है कि परमात्मा का नूर चारों और बरस रहा है। फूलों में नदियों में तितलियों के रंग बिरंगे पंखों में समस्त सृष्टि उसकी सुंदर रचना है, इसे पर्यटक बनकर भोगो, जीवन समझ में आ जाएगा।

वर्चुअल सत्संग के दौरान सुधांशु जी ने फरीदाबाद से सभी भक्तों को आशीर्वाद देते हुए फरीदाबाद मण्डल में हो रही नि:शुल्क कौशल कला केन्द्र की सेवाओं के लिए वी. के. सिंह और उनकी टीम का हार्दिक धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद मंडल के प्रधान राज कुमार अरोड़ा, सचिव डॉक्टर आर. बी. बारी और विजयलक्ष्मी बारी के मार्गदर्शन में अच्छे कार्यक्रम हो रहे हैं। सुधांशु जी महाराज के अलावा साध्वी डॉक्टर अर्चिका दीदी ने भी अपने प्रवचन में बताया कि हर मनुष्य को योग की साधना करनी चाहिए जो की बहुत ही जरूरत है। योग से मन शांत रहता है और एकाग्रता आती है। एकाग्र मन से ही ध्यान के माध्यम से परमात्मा तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। ऐसा करके ही हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं।



