इस्कॉन फरीदाबाद ने बहुत ही खास अंदाज में वेलेंटाइन डे मनाया

– 14 फरवरी वैलेंटाइन डे होने के कारण फरीदाबाद के इस्कॉन मंदिर में भक्तों ने इस दिन को बहुत ही अनोखे तरीके से मनाया।
फरीदाबाद (मनीष शर्मा) : जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वेलेंटाइन डे का महत्व सभी में प्यार बांटना है। हर कोई सच्चे प्यार की तलाश और लालसा कर रहा है, लेकिन वर्तमान समय में इस प्यार को पाना बहुत मुश्किल है। क्योंकि आम तौर पर लोगों के दिल वासना से भरे होते हैं।
पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण को प्रेम के देवता के रूप में भी जाना जाता है। अपने कार्यों से उन्होंने पूरे विश्व को सिखाया कि कैसे सभी से प्रेम किया जाए, चाहे वह मनुष्य, पशु और प्रकृति हो। उनके नाम “कृष्ण” का अर्थ सर्व आकर्षक है। गोपियाँ हों, उनके मित्र गोपाल बाल हों, वृन्दावन में बड़े-बुजुर्ग हर कोई कृष्ण को ही अपना जीवन और आत्मा मानते थे। वे एक क्षण के लिए भी उनका वियोग सहन नहीं कर सकते थे। कोई उन्हें दोस्त मानता था, कोई अपना पुत्र, तो कोई अपना प्रियवर। साथ ही पशु खासकर गायें उन्हें अपना सारा प्यार देती थीं। वह वृंदावन के लाडले थे। द्वारका में जहां उन्होंने शासन किया, उन्हें राजा, स्वामी और उनका रक्षक माना जाता था। दरअसल पूरी दुनिया उन्हें प्यार करती थी।

अब परमात्मा के रूप में वह सभी के हृदय में विराजमान हैं और जो उनका मार्गदर्शन चाहते हैं उनका मार्गदर्शन करते हैं और सभी को प्रेम देने और सभी की सेवा करने के लिए प्रेरित करते हैं।
भगवद्गीता से प्रेरणा लेकर इस्कॉन फरीदाबाद मंदिर के भक्तगण तिगांव में रेडियंट पब्लिक स्कूल में अध्यापकों व परिजनों के सहयोग से छात्रों को भगवान श्रीकृष्ण से शुद्ध प्रेम के महत्व, आशीर्वाद, मार्गदर्शन और प्रेरणा लेने के लिए हरिनाम का जप किया।

साथ ही इस दिन गायों की पूजा की जाती थी क्योंकि गाय मानवता की सेवा करती है जिस प्रकार एक माँ अपने बच्चों का पालन व प्यार करती है। मुख्य रूप से यही कारण था कि कृष्ण गायों से इतना प्रेम करते थे। तत्पश्चात वहां उपस्थित सभी भक्तों को प्रेम पूर्वक स्वादिष्ट कृष्ण प्रसाद वितरित किया गया।
वेलेंटाइन डे को इस प्रकार मनाने का मुख्य उद्देश्य कृष्णभावनामृत को प्रेरित व प्रसारित करना था या आप कह सकते हैं कि “प्रेमभावनामृत” प्रदर्शित करने खास व अनोखा तरीका।



