शैक्षणिक सत्र 2026–27 से जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में बी.ए. अंग्रेज़ी पाठ्यक्रम का शुभारंभ

फरीदाबाद, 20 अप्रैल : फरीदाबाद स्थित जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाई एम सी ए के साहित्य एवं भाषा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026–27 से इंग्लिश में बैचलर ऑफ आर्ट्स (बी.ए.) इन इंग्लिश पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की गई है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को साहित्य, भाषा और समकालीन सांस्कृतिक अध्ययन की व्यापक समझ प्रदान करने के साथ-साथ उनकी विश्लेषणात्मक, आलोचनात्मक चिंतन और संप्रेषण कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पाठ्यक्रम को इस प्रकार संरचित किया गया है कि इसमें विविध और समकालीन अध्ययन क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिससे शैक्षणिक गहराई और व्यावहारिक उपयोगिता दोनों सुनिश्चित हो सकें।

यह पाठ्यक्रम शास्त्रीय एवं आधुनिक साहित्य को साहित्यिक सिद्धांत, सांस्कृतिक अध्ययन, मीडिया अध्ययन तथा कौशल आधारित शिक्षण के साथ समाहित करता है, जिससे छात्रों को एक बहुविषयी दृष्टिकोण प्राप्त होगा, जो वर्तमान शैक्षणिक एवं औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप है।

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. दिव्या ज्योति ने कहा कि छात्रों को विश्वविद्यालय में एक सुव्यवस्थित और समृद्ध पाठ्यक्रम प्राप्त होगा। यह पाठ्यक्रम स्थानीय स्तर पर छात्रों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करेगा, जिससे उन्हें उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के लिए दूर-दराज़ नहीं जाना पड़ेगा। अब छात्र प्रकाशन उद्योग और कंटेंट राइटिंग जैसे क्षेत्रों में अपने करियर को सशक्त रूप से आगे बढ़ा सकेंगे। यह पाठ्यक्रम शिक्षण, पत्रकारिता, सिविल सेवाओं तथा प्रकाशन जैसे विविध क्षेत्रों में भी व्यापक संभावनाएं प्रदान करता है।
विश्लेषणात्मक, भाषाई और रचनात्मक कौशल पर विशेष जोर के साथ यह पाठ्यक्रम छात्रों को पारंपरिक एवं उभरते हुए दोनों प्रकार के करियर विकल्पों के लिए तैयार करता है।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो राजीव कुमार ने भी आज के तीव्र गति से विकसित होते परिदृश्य में मानविकी विषयों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जैसे-जैसे हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, वैसे ही मानविकी विषयों पर समान रूप से ध्यान देना भी आवश्यक है. हमें ऐसे समग्र व्यक्तित्व वाले छात्रों की आवश्यकता है जो सभी क्षेत्रों में दक्ष हों. छात्रों को नवीन और उभरते हुए क्षेत्रों तथा नए विचारों से अवगत रहना चाहिए, साथ ही अपनी जड़ों से जुड़े रहकर प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में आगे बढ़ने की समझ भी विकसित करनी चाहिए।

इस पाठ्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय में मानविकी विषयों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विद्यार्थियों को समग्र, विचारशील और कुशल नागरिक के रूप में विकसित करने में सहायक होगा। छात्र अपनी जिज्ञासाओं के समाधान हेतु विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए वे साहित्य एवं भाषा विभाग में सीधे आकर भी संपर्क कर सकते हैं।

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