राजपूत सभा जिला फरीदाबाद ने सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘एक शाम हिंदुत्व के रक्षक राजपूत क्षत्रिय योद्धाओं के नाम’ का आयोजन किया

फरीदाबाद : राजपूत सभा जिला फरीदाबाद द्वारा क्षत्रिय राजपूत सम्राट मिहिर भोज के राज्याभिषेक दिवस की पूर्व संध्या पर एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘एक शाम हिंदुत्व के रक्षक राजपूत क्षत्रिय योद्धाओं के नाम’ तरुण गार्डन, पल्ला, फरीदाबाद में किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. भगवान सिंह इतिहासकार ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना तथा विशिष्ट अतिथि उपेन्द्र राणा लोक गायक रहे।
इस अवसर पर राजपूत सभा जिला फरीदाबाद द्वारा संचालित बाल संस्कार केंद्रों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं शारीरिक और मानसिक मजबूती प्रदान करने वाले प्रदर्शन करके सभी लोगों का मन मोह लिया और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने बच्चों के प्रदर्शन की प्रशंसा की। राजपूत सभा जिला फरीदाबाद की तरफ से अध्यक्ष कमल सिंह तंवर एडवोकेट ने मंच का संचालन किया और उपाध्यक्ष तिलक राज चौहान तथा महासचिव जय प्रकाश भाटी एडवोकेट ने बच्चों के एकेडमी ट्रेनर को 11-11 हजार रूपये देकर बाल संस्कार केंद्रों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुखदेव सिंह गोगामेडी ने राजपूतों के गरिमामय इतिहास को याद करते हुए राजपूत सभ्यता, साम्राज्य व हिंदुतत्व के रक्षक राजपूत योद्धाओं पृथ्वी राज चौहान, महाराणा प्रताप, सम्राट मिहिर भोज, वीर शिवाजी, राणा सांगा आदि के पराक्रम एवं बलिदान का जिक्र करते हुए कहा कि हमें इन महापुरुषों के जीवन से सीख लेनी चाहिए, जिन्होंने अपने समाज की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की परवाह नहीं की। उन्होंने कहा कि राजपूतों का तो जन्म ही अपने समाज और देश की रक्षा के लिए होता है। समाज को मजबूत बनाये रखने के लिए उन्होंने बाल संस्कारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉक्टर भगवान सिंह ने क्षत्रिय राजपूत इतिहास पर प्रकाश डालते हुए गुज्जर समुदाय के लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की और कहा कि राजा ईश्वर का प्रतिरूप होता है और वह किसी जाति का नहीं होता है, इसीलिए राजपूतों ने कभी भी इन महापुरुषों के सामने क्षत्रिय राजपूत नहीं लिखाया है। अत: राजपूतों को संगठित होकर समाज के उत्थान और एकता के लिए कार्य करने की जरूरत है तथा राजपूत समाज की धरोहर, संस्कृति, विरासत तथा इतिहास की रक्षा करनी चाहिए।
इस समारोह में राजपूत सभा के संयोजक गजेन्द्र सिंह चौहान, संरक्षक डी के चौहान, सहसचिव इंद्रजीत सिंह, प्रवीण चौहान, देवेन्द्र राणा, सत्यभान सिंह चौहान, जगबीर सिंह भदोरीया, सुनीता चौहान, बशिष्ठ सिंह, तुलसी चौहान, भगत सिंह सिसोदिया, विकास चौहान, तथा राजपूत समाज के गणमान्य व्यक्ति उदयवीर मदनावत, नारायण सिंह शेखावत, एम एस चौहान, प्रेम नारायण शास्त्री, कुँवर अजय सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, निर्मल सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर कुँवर सिंह फाउंडेशन, वीरेंद्र गौड़, अनिल गौड़, पारस भारद्वाज सेव फरीदाबाद एनजीओ आदि सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया।



