“वंदे मातरम” की 150वीं वर्षगांठ पर एनपीटीआई ने एक स्वर में गाया राष्ट्रीय गीत

फरीदाबाद। राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सेक्टर-33 स्थित विद्युत मंत्रालय के राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (एनपीटीआई) में नए महानिदेशक हेमंत जैन ने सभी अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थियों के साथ मिलकर वदें मातरम गीत गाया। इस अवसर पर एनपीटीआई के प्रधान निदेशक डॉ एस सेलवम, प्रधान निदेशक डॉ. इंदु महेश्वरी, निदेशक मनोज कुमार झा, दुर्गाशंकर साहू और वत्सला शर्मा सहित उप निदेशक और सह निदेशकगणों सहित सैंकडों कर्मचारी एवं विद्यार्थी माजूद रहे। एनपीटीआई में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे साल चार चरणों में उत्सव मनाया जाएगा जोकि 07 नवंबर 2026 में सम्पन्न होगा।

एनपीटीआई के महानिदेशक हेमंत जैन ने संबोधित करते हुए कहा कि 7 नवंबर 2025 का दिन बहुत ऐतिहासिक है। आज हम वंदे मातरम् के 150वें वर्ष का महाउत्सव मना रहे हैं। यह पुण्य अवसर हमें नई प्रेरणा देगा, कोटि-कोटि देशवासियों को नई ऊर्जा से भर देगा। यह कोई साधारण गीत नहीं है बल्कि ऐसा संकल्प है जिसने अंग्रेज शासन को असहज कर दिया था। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंध रखने वाले इस गीत की रचना को आज 150 साल पूरे हो गए हैं।

श्री बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् अक्षय नवमी के पावन अवसर पर 7 नवंबर 1875 को लिखा गया था। वंदे मातरम् पहली बार साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के एक अंश के रूप में प्रकाशित हुआ था। मातृभूमि को शक्ति, समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक बताते हुए इस गीत ने भारत की एकता और आत्‍मगौरव की जागृत भावना को काव्यात्मक अभिव्यक्ति दी। यह गीत राष्ट्र के प्रति समर्पण का एक चिरस्थायी प्रतीक बन गया है।

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