शारीरिक स्वास्थ्य की दिशा में आयुर्वेदिक पद्धति है कारगर कदम : जितेंद्र यादव

  • शरीर को स्वस्थ रखने में हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर निभा रहे हैं अहम भूमिका
  • आयुर्वेदिक पद्धति से किया जा रहा लोगों का मुफ्त इलाज

फरीदाबाद : कोरोना महामारी के दौर में जिस प्रकार स्वास्थ्य विभाग ने अग्रणी भूमिका निभाते हुए कोरोना से बचाव के लिए व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए उनके साथ ही आयुष विभाग ने भी आयुर्वेदिक पद्धति के माध्यम से आमजन के स्वास्थ्य सुधार में अतुलनीय भूमिका निभाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए आयुष विभाग की ओर से हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर का संचालन किया जा रहा है। इन सेंटर के माध्यम से संबंधित क्षेत्र के लोगों का आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज किया जा रहा है।

डीसी जितेंद्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार आमजन की सेहत को लेकर काफी गंभीर है और लोगों को हर स्तर पर बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार द्वारा सभी नागरिक अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार किया है। अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं। एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा भी लोगों को किफायती दरों पर उपलब्ध करवाई जा रही है। डीसी ने बताया कि सरकार के निर्देशों पर आयुष विभाग के माध्यम से भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरकार के माध्यम से आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर की स्थापना की गई है और जिला में विभिन्न हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर का संचालन किया जा रहा है। इन सेंटरों के माध्यम से आयुर्वेदिक पद्धति से रोगों का इलाज किया जाता है।

उन्होंने कहा कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में आयुर्वेद की भूमिका प्रमाणित हो चुकी है। आयुर्वेद न केवल बीमारी का इलाज करता है बल्कि इसके प्रयोग से रोग ग्रस्त होने का खतरा भी कम होता है। कोरोना जैसी बीमारी से लडऩे में भी आयुर्वेद की अहम भूमिका है। आयुर्वेद में बताए गए तरीके और सावधानियां सहित दिनचर्या अपनाकर अपने आप को स्वस्थ रखा जा सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में आयुष विभाग की टीम ने उल्लेखनीय भागीदारी निभाई है।

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