37वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में पर्यटकों को खूब भा रहा है गोहाना का जलेबा

गोहाना के मातुराम हलवाई विश्व में देशी घी से बनाई जाने वाले जलेबा के लिए हैं प्रसिद्ध

– देश-विदेश के पर्यटक जी भरकर गोहाना के जलेबा का ले रहे आनंद

सूरजकुंड (फरीदाबाद) : 37वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में पर्यटकों को गोहाना का जलेबा खूब भा रहा है। गोहाना के मातुराम हलवाई जोकि विश्व में देशी घी से बनाई जाने वाली जलेबी अथवा जलेबा के लिए प्रसिद्ध है। 37 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में बङी चौपाल के नजदीक व मिडिया सेंटर के नीचे फूडकोर्ट की स्टॉल नंबर-203 पर देशी और विदेशी पर्यटक जी भरकर जलेबा का आनंद उठा रहे हैं।

मातुराम हलवाई ने बताया कि गोहाना का जलेबा 250 ग्राम वजन का तैयार होता है, जोकि एक आदमी के द्वारा खाना मुश्किल हो जाता है। वहीं 1 किलोग्राम में केवल चार जलेबा के पीस ही आते हैं। यह जलेबा 400 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से तथा 100 रुपए प्रति पीस के हिसाब से मिल रहा है। हरियाणा के गोहाना में जलेबा बनाने वाले मातुराम हलवाई की दुकान पर 12 वर्षों से काम करने वाले कारीगर गौरव ने बताया कि गोहाना का जलेबा की दुकान पर शत प्रतिशत देसी घी से जलेबा तैयार किया जाता है। बड़ी चौपाल के ठीक सामने और मीडिया सेंटर के नीचे बने फूडकोर्ट की दुकान नंबर-203 में गोहाना का जलेबा बनता है। जहां पर सुबह 10.30 बजे से रात 08 बजे तक जलेबा खाने के लिए पर्यटकों का हुजूम उमड़ा रहता है।

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