मानव अधिकार मिशन द्वारा ओल्ड फरीदाबाद कार्यालय में मानवाधिकार दिवस पर केक काटकर जागरूकता कार्यक्रम किया आयोजित

फरीदाबाद : मानवाधिकार दिवस के अवसर पर मानव अधिकार मिशन ने अपने ओल्ड फरीदाबाद स्थित कार्यालय में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु संगठन के पदाधिकारियों द्वारा संक्षिप्त परिचर्चा से हुई, जिसमें मानवाधिकारों के महत्त्व, संरक्षण तथा प्रत्येक नागरिक की ज़िम्मेदारियों पर प्रकाश डाला गया।
मानव अधिकार मिशन के अध्यक्ष डॉ महेंद्र शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा “मानवाधिकार केवल क़ानूनी दस्तावेज़ नहीं, बल्कि हर इंसान की गरिमा, सुरक्षा और स्वतंत्रता की नींव हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम समाज में कमजोर, वंचित और पीड़ित वर्गों की आवाज़ बनें। मानवाधिकार दिवस हमें यह याद दिलाता है कि एक बेहतर, सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज बनाने में हम सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। संस्था निरंतर इस दिशा में कार्य कर रही है और आगे भी समाज के हर व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध रहेगी।”

इस अवसर पर मानवाधिकार दिवस का प्रतीकात्मक रूप से केक काटकर सांकेतिक उत्सव भी मनाया गया। उपस्थित सदस्यों ने मानवाधिकारों की रक्षा व संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। ह्यूमन राइट्स मिशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिलना आवश्यक है और संस्था इस दिशा में जागरूकता फैलाने तथा सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मानवाधिकार दिवस विश्व भर में प्रत्येक व्यक्ति के मौलिक अधिकारों, स्वतंत्रता और गरिमा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह दिवस मानवाधिकारों की रक्षा, भेदभाव के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने, न्याय सुनिश्चित करने और समाज में समानता व सम्मान की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।
ह्यूमन राइट्स मिशन का उद्देश्य भी इसी जागरूकता को समाज में फैलाना और वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता पहुँचाना है। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉo महेन्द्र शर्मा,एम एस जन्मेदा, महासचिव संजीव खत्री, चतर सिंह भाटी, धर्म पाल सिंह, विजय जोशी, अशोक आहूजा, सुधीर वत्स, फिरोज खान, सुशील भाटिया, प्रवीण तंवर, धर्मेंद्र, महिला अध्यक्ष प्रयंका बिष्ट, ऋचा,एडवोकेट मुक्त यादव, आदि सभी पदाधिकारी,व सदस्यों तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में न्याय एवं समरसता स्थापित करने हेतु अपने स्तर पर योगदान देने का आह्वान किया।



