Since the time you put your creations on your eyelids by Vishal Bagh soot is called kajal-kajal by everyone…etc.
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फरीदाबाद

विशाल बाग ने अपनी रचनाएं तुमने जबसे अपनी पलकों पर रखा, कालिख को सब काजल-काजल कहते हैं…आदि पेश कर श्रोताओं की जमकर तालियां बटोंरी
– बुक्स एंड बीयोंड द्वारा साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन – लेखक विशाल बाग ने पहली किताब वीराने तक जाना है..की…
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