गौ हत्यारी भाजपा चली मीडिया पर प्रतिबंध लगाने !

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 21 जनवरी। धन्य है सिटी बिग न्यूज हिसार की वे पत्रकार बेटियां अंकिता सिंह व अर्चना त्रिपाठी जिन्होंने गौ अभ्यारण में भूख प्यास व ठंड से 529 गायों की मौत होने पर उनके शरीर को चीर-फाडक़र के उनकी की जा रही दुर्गति की असलियत की वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से जनता के सामने उजागर करने का एक बहुत बड़ी बहादुरी का काम किया है! इन पत्रकार बेटियों की इस जाबांज बहादुरी को इस खबर के लेखक मदन लाहौरिया का है बारम्बार सलाम! दूसरी तरफ हरियाणा सरकार के नकली गौ भक्त मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भी धन्यवाद है कि उन की सरकार के हिसार के स्थानीय प्रशासन ने गौ अभ्यारण में पत्रकारों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की पूरी पूरी तैयारी कर ली है! धन्य है हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर व आरएसएस के सभी पदाधिकारी जिन्हें अब पत्रकारों की घोटाला खोलने वाली कलम की लेखनी से लिखी जाने वाली खबरों की कटु सच्चाई से डर लगने लग गया है! हिसार के गौ अभ्यारण में मृत 529 गायों को सम्मानजनक तरीके से दफऩाये जाने की बजाय उनके शरीर को बुरी तरह से खुलेआम चीरफाड़ करके खाल व हड्डियां बेचने के लिए निकालने के दृश्य की पत्रकार बेटियों के द्वारा जो वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और उस वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर हमारे न्यूज पोर्टल ‘‘जनता की आवाज न्यूज डॉट कॉम’’ पर जो तथ्यों व सबूतों के आधार पर खबर लगाई गई उस खबर से पूरे प्रदेश की जनता में मच गया हडक़म्प। प्रदेश के मुख्यमंत्री इन खबरों से घबरा कर हिसार के गौ अभ्यारण में पत्रकारों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने को चल पड़े!
गौ अभ्यारण में पत्रकारों के प्रवेश पर जो प्रतिबंध लगाने की तैयारी की गई है उसकी खबर दैनिक भास्कर समाचार पत्र के हिसार भास्कर संस्करण के पेज संख्या सात पर रविवार दिनांक 19 जनवरी को गौ अभ्यारण की जो खबर छपी है उसके एक बॉक्स में ‘‘मामला उजागर करने पर मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध की तैयारी’’ के शीर्षक के तहत छपी है, जिसमें स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि प्रशासन ने गौ अभ्यारण में अब मीडिया की एंट्री बैन करने की तैयारी कर ली है! गेट पर सिक्यॉरिटी की ड्यूटी लगाई जायेगी जो मीडिया को अंदर नहीं आने देगी! इसके अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने से पहले अपना मोबाइल व कैमरा गेट पर ही जमा करना होगा! इस खबर की पुष्टि हिसार भास्कर के रिपोर्टर राजेश सैनी से कर ली गई है! भास्कर के रिपोर्टर राजेश सैनी ने बताया कि यह खबर उन्होंने ही लगाई है और इस बात की उनको पुख्ता जानकारी है कि गौ अभ्यारण में पत्रकारों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी चल रही है!
गौ अभ्यारण में पत्रकारों के प्रवेश पर सरकार के द्वारा लगाए जाने वाले प्रतिबंध के मामले में जब हिसार के एडवोकेट रमेश यादव से बात की गई तो उन्होंने इस खबर की सच्चाई को यह बता कर और पुख्ता कर दिया कि हिसार के गौ अभ्यारण में 529 गायों की हुई इस दर्दनाक मौत की असलियत जानने के लिए जब शहर के वकील व पत्रकार वहां जाते हैं तो अब गौ अभ्यारण के मुख्य गेट पर गॉर्ड तैनात कर दिया गया है और वकीलों व पत्रकारों को गौ अभ्यारण के अंदर जाने नहीं दिया जा रहा! गॉर्ड से पूछने पर जवाब मिलता है कि हिसार निगम की ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी चेतल का आदेश है कि वकीलों व पत्रकारों का प्रवेश प्रतिबंधित है!
एडवोकेट रमेश यादव से सरकार के द्वारा इन 529 गायों पर की गई क्रूरता के विषय में जब बात की गई तो उन्होंने बातचीत में कहा कि हिसार के गौ अभ्यारण में जिन 529 गायों की भूख प्यास व ठंड से मौत हुई है उनकी पूरी-पूरी जिम्मेदारी संविधान में दिए गये प्रावधान के अंतर्गत बनाये गये कई कानूनों के अनुसार गौ सेवा आयोग के चेयरमैन, हिसार के विधायक व मेयर, निगम कमिश्नर व गौ अभयारण की समिति के चेयरमैन तथा समिति के सभी सदस्य हैं व इन सबके खिलाफ अपराधिक धाराओं में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए! इसके बाद जब एडवोकेट रमेश यादव से पूछा गया कि नगर निगम के ठेकेदार के द्वारा गौ अभ्यारण के पास ही गावं ढंढूर के के बाहर खुले इलाके में ही इन 529 मृत गायों के शरीर को खुलेआम बुरी तरह चीरफाड़ कर जो खाल, हड्डियां व अन्य अंग निकाले जा रहे हैं उन पर अपराधिक मामला कौन सा बनता है तो उन्होंने कानून के अनुसार कहा कि गाय को हमेशा जमीन में सुरक्षित व सम्मानजनक तरीके से दफनाया ही जाता है और गायों के शरीर की इस प्रकार से चीरफाड़ कर के खाल, हड्डियां व अन्य अंग बेचने के लिए निकालना कानून के खिलाफ है व गैरकानूनी है! यह एक घोर अपराध है! इस घोर अपराध के लिए उस ठेकेदार के खिलाफ भी अपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिये!
जनवादी सफाई कर्मचारी कल्याण संघ के सलाहकार राजेंद्र सरोहा से जब गौ अभ्यारण में पत्रकारों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की सरकार की तैयारी के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय समाचार पत्रों ने इतनी बड़ी घटना को कोई स्थान नहीं दिया! इसी से उनकी पत्रकारिता के बारे में अब प्रश्न चिन्ह लगता है! उसी से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस सरकार में इतने बड़े मामलों को सरकार बड़े आराम से हजम कर जाती है! राजेंद्र सरोहा ने आगे बताया कि दूसरी तरफ जनता विरोधी फैसलों को समाचार पत्रों में प्रमुखता से सरकार छपवा रही है! लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को नियंत्रित करके सरकार अघोषित आपातकाल की ओर बढ़ रही है जो स्वस्थ लोकतंत्र के ऊपर असवैंधानिक नियंत्रण पुख्ता कर रहा है!
गौ अभ्यारण हिसार में भूख प्यास व ठंड से हुई मौत के कारण 529 गायों को ढंढूर गावं के पास खुले जंगल में छोड़ दिया गया व वहां पर उन गायों के शरीर की बुरी तरह चीरफाड़ कर के खाल,हड्डियां व अन्य अंग बेचने के लिए निकाले गये! सूत्रों के हवाले से मालूम हुआ कि नगर निगम हिसार ने मरे हुए पशुओं को दफनाने के लिये किसी व्यक्ति को ठेका दे रखा है! उसी ठेकेदार की टीम ने इन गायों की खाल चीर कर व अलग-अलग कर के बेचने के लिए निकाली है और इन गायों के शरीर से हड्डियां व अन्य अंग बुरी तरह चीर कर बेचने के लिए निकाले हैं!

भारतीय सविंधान के प्रावधान में दिए गए कानून के अनुसार अब एक गंभीर सवाल उठता है कि इन मृत 529 गायों को सीधा जमीन में दफनाया जाये या इस बुरी तरह इन की दुर्गति करते हुए चीरफाड़ करते हुए इन की खाल,हड्डियां व अन्य अंग बेचने के लिए निकाले जायें!
मृत गायों को दफनाने की प्रक्रिया के बारे में जब हिसार के कर्मठ व पुराने कार्यकर्ता सतपाल मधु से बात की गई तो उन्होंने इन 529 मृत गायों की मौत के बाद इन के शरीर की इस बुरी तरह से चीरफाड़ करने की क्रिया पर घोर आपत्ति जताते हुए कहा कि हमेशा सदियों से ही मृत गायों को जमीन में गड्डे खोद कर नमक के साथ सुरक्षित ढंग से दफनाया जाता है! नमक गाय की खाल व हड्डियों को गला देता है व गाय के सभी अंग मिट्टी में मिल जाते हैं और इस प्रक्रिया से गाय की मौत के बाद दुर्गति नहीं होती! मौत के बाद गायों की की गई दुर्गति एक घोर अपराध है! इन मृत गायों की दुर्गति के बारे में सतपाल मधु के दिल से आरएसएस व विश्वहिंदू परिषद के प्रति जो दर्द भरा तूफान निकला वह आम जन को बेहद चौंकाने वाला है! सतपाल मधु ने बताया कि वे इस गौ अभ्यारण समिति के एक सदस्य हैं! उन्होंने बताया कि जब इन 529 गायों की मृत्यु के बाद इन को दफनाने की प्रक्रिया के बारे में समिति के अन्य सदस्यों से पूछा तो उन्हें केवल इतना बताया गया कि निगम ने जिस ठेकेदार को ठेका दे रखा है वही ठेकेदार इन मृत गायों को ले गया है!
इन 529 मृत गायों की इस बुरी तरह से की गई चीर फाड़ के बारे में जब सतपाल मधु से बात की गई तो उन्होंने इस बात की जानकारी के लिए मना कर दिया व कहा कि उन्हें मृत गायों की इस चीर फाड़ के बारे में कुछ नहीं पता! इसके बाद सतपाल मधु ने राज खोलते हुए बताया कि लगभग पांच साल पहले उन्हें विश्वहिंदू परिषद की तरफ से हरियाणा प्रदेश का गौ रक्षा सयोंजक बनाया गया था और उन्होंने उस दौरान कई गौ शालाओं की गड़बडिय़ों को पकड़ कर के सुधार करवाया था! उसी दौरान हिसार की धांसू गावं की नंदी गौशाला की कई गड़बडिय़ों को पकड़ा तो आरएसएस व विश्वहिंदू परिषद के अधिकारी उन से खफा हो गये! इस नंदी गौशाला में गायों के कई छोटे छोटे बछड़े पानी पीते वक्त पानी के टैंक में गिर कर मृत्यु को प्राप्त हुए! इस के अलावा इस नंदी गौशाला में और भी काफी गड़बडिय़ां थी! जब सतपाल मधु ने आरएसएस के अधिकारीयों के सामने गौवंश की रक्षा के लिए आवाज उठाई तो उन्हें संगठन के सभी पदों से हटा कर गौ सेवा का ईनाम दिया गया!
सतपाल मधु ने आरएसएस व विश्वहिंदू परिषद पर खुलेआम आरोप लगाते हुए कहा कि आरएसएस के सभी संगठनों में आवाज उठाने वालों को संगठनों से निकाल दिया जाता है और उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आरएसएस व विश्वहिंदू परिषद गाय माता के नाम पर केवल राजनैतिक रोटियां सेंक रही है और गाय माता की रक्षा के मामले में केवल ढकोसला कर रही है! गौ अभ्यारण के मामले में आरोपों की छड़ी लगाते हुए सतपाल मधु ने कहा कि वे इस गौ अभ्यारण की पांच सदस्यों की कमेटी के एक मुख्य सदस्य के तौर पर हैं और उन को सदस्य बनाते वक्त संगठन के द्वारा यह कहा गया था कि गौ अभ्यारण के सभी प्रकार के कार्य उन की सहमति से ही होंगे परंतु ऐसा एक बार भी नहीं हुआ! सतपाल मधु ने खुले शब्दों में गौ अभ्यारण में हुई इन 529 गायों की मौत पर सीधे सीधे हिसार के विधायक कमल गुप्ता,मेयर गौतम सरदाना व आरएसएस तथा विश्वहिंदू परिषद के सभी अधिकारीयों को पूरा पूरा दोषी माना है और यह भी माना है कि भूख प्यास व ठंड की वजह से इन 529 गायों की मौत हुई है!
हरियाणा गौ सेवा आयोग के वाईस चेयरमैन विद्यासागर बाघला से जब बात की गई तो उन्होंने इस गौ अभ्यारण में हुई 529 गायों की मौत की जानकारी होने से ही मना कर दिया व कहा कि इस बारे में चेयरमैन भानी राम मंगला से बात करें और कहा कि गौ सेवा आयोग में उन की जिम्मेवारी केवल पंचगव्य व अन्य दूसरे विभागों की है! गौ सेवा आयोग के वाईस चेयरमैन ने इन गायों की मौत व दुर्गति के बारे में जानबूझ कर कोई जवाब नहीं दिया! यह बहुत बड़े अफसोस की बात है कि गाय माता की इस भयंकर दुर्गति के विषय में गौ सेवा आयोग अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए चुप्पी साधे बैठा है व गौ सेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला जब हिसार इन गायों की मौत के बाद आये तो उन्होंने इन गायों की मौत पर लीपापोती करते हुए हिसार के विधायक व मेयर का कोई दोष नहीं बताया और मूर्खता भरी बात कही कि पॉलीथिन व कचरा खाने की वजह से इन 529 गायों की मौत हुई है! इनकी बुद्धि पर तरस आता है कि सरेआम सारी जनता को पता है कि मौत किस की वजह से हुई है और फिर ये कितने बचकाने बयान देते हैं!
इसके बाद हिसार के पुराने आरएसएस के कर्मठ कार्यकर्ता प्रोफेसर केएल रिणवा व चंद्रभान काजला से बात की गई तो उन्होंने सीधे सीधे इन 529 गायों की मौत के लिए हिसार के विधायक कमल गुप्ता व मेयर गौतम सरदाना व गौ अभ्यारण की जिम्मेवारी संभालने वाले सभी अधिकारियों व अन्य सदस्यों तथा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन को ही दोषी माना व साथ में कहा कि गाय व बैल किसान व पर्यावरण का एक परम् मित्र है! बैल पुराने समय से खेती करने व बैलगाड़ी के काम के लिए एक बहुत ही जरूरी साधन रहा है! गाय किसान की सब से प्रिय पशु है!
उन्होंने कहा कि भारत में किसान ने कभी भी गाय की सेवा करते हुए अपना प्रचार नहीं किया व अपने नाम के आगे कभी गौभक्त नहीं लिखा और भारत का किसान ही वास्तव में असली गौभक्त व गाय का असली रक्षक है! भाजपा और आरएसएस तो नकली गौभक्त व नकली गौरक्षक है! आम आदमी पार्टी के हिसार लोकसभा क्षेत्र के प्रवक्ता राजीव सरदाना व मारुति उधोग कामगार यूनियन के महासचिव कुलदीप जांघू ने कहा कि हिसार के गौ अभ्यारण में 529 गायों की भूख प्यास व ठंड की वजह से हुई मौत एक बहुत बड़ी दर्दनाक घटना है! इसके लिए सभी जिम्मेवार दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाये!



