राजस्थानी कच्ची घोडी नृत्य पर झूम रहे हैं दर्शक

  • बूंदी निवासी हरी शंकर नागर 1980 से जुड़े हैं कच्ची घोडी नृत्य से

फरीदाबाद : 35वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला में आने वाले पर्यटकों को देश-विदेश के शिल्पकारों की कलाकृतियां अपनी ओर आकर्षित करती हैं, वहीं ढोल नगाड़े, बीन, बैगपाइपर, सारंगी, डेरूवादक तथा कच्ची घोडी के कलाकार भी दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर रहे हैं। राजस्थान के बूंदी जिला की हरी शंकर नागर की 10 सदस्यीय कच्ची घोडी पार्टी के नृत्य पर पर्यटक बरबस ही थिरकते देखे जा सकते हैं।

कच्ची घोडी पार्टी द्वारा वीर तेजाजी महाराज पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया जाता है। हरी शंकर नागर द्वारा 1980 से कच्ची घोडी नृत्य की प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। राजस्थान में भाद्रपद माह के दौरान मेला लगता है, जिसमें कच्ची घोडी का लोक नृत्य पेश किया जाता है। कच्ची घोडी पार्टी में महिला नृतक की भूमिका बाबू द्वारा निभाई जाती है। इस पार्टी में कच्ची घोडी के रूप में सत्य नारायण नागर तथा अन्य सदस्यों ने पृथ्वीराज, सकोर, चंद्रभान, हेमराज मीणा, सीताराम शर्मा, राम कल्याण आदि अपनी कला के प्रदर्शन से पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे हैं।

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