ललिता अध्यापक को महिला मोर्चा की कमान
प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच ने किया नारी शक्ति सम्मान

दिल्ली : शिक्षक हित शिक्षक शक्ति का प्रतीक प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच ने नारी शक्ति सम्मान का आयोजन किया। नारी शक्ति, नारी शौर्य, नारी सम्मान के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में दिल्ली के सभी सोलह जिलों के अध्यापकों ने भागीदारी की, सभा की अध्यक्षता प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच के प्रमुख संरक्षक जे पी रावल ने की। इस समारोह का आयोजन शिक्षक न्याय मंच की महिला प्रकोष्ठ की स्थापना के लिए किया गया देश के दिल दिल्ली में यूं तो विभिन्न शिक्षक संघ चुनावी मेंढक बन कुर्सी कब्जाने की फिराक में संगठन बनाए घूम रहे हैं, किंतु आधी आबादी का पूरा मान सम्मान, उचित स्थान, बराबरी की भागीदारी प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच ने देने का निर्णय कर अन्य संगठनों को पीछे-पीछे चलने को मजबूर कर दिया है। प्रथम महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष की पगड़ी बहुमुखी प्रतिभा की धनी, शिक्षकों में लोकप्रिय, धारदार वक्ता, कुशल संगठनकर्ता ललिता अध्यापक के सिर बांध प्रगतिशील न्याय मंच के प्रमुख संरक्षक जी पी रावल ने कहा कि ललिता अध्यापक प्रगति की शक्ति बनकर हमारे साथ जुड़ी है। यह ऐतिहासिक लम्हा है जहां पुरुष अध्यापकों ने सामूहिक रूप से नारी शक्ति का आभार पगड़ी बांधकर व्यक्त किया है, बराबरी की यही विचारधारा हमारे जीत का आधार बनेगी।
अध्यक्ष डॉक्टर प्रदीप डागर ने कहा अध्यापक ही जिनकी शान, पहचान, धर्म ईमान जाति और नाम से माथे का तिलक बन जुड़ गया है गया है। जो आज दिल्ली के कोने-कोने में संघर्ष समर्पण की पहचान बन ख़डी है उन ललिता अध्यापक को महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष बनाना नारी सम्मान का वंदन है। प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच ने एक नया इतिहास रचा है वह समय के सीने पर स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा। मंच के चेयरमैन डॉ लाखन सिंह ने कहा ललित अध्यापक अखबारों की सुर्खियां, न्यूज़ चैनल पर अध्यापक हित की बुलंद बेबाक आवाज बनी रही है, पुरानी पेंशन की लड़ाई में इनका योगदान अविस्मरणीय रहा है। एनएमओपीएस की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष ड्रॉप प्रो बॉल गेम की अंतर्राष्ट्रीय सचिव समेत कई संगठनों के शीर्ष नेतृत्व देने वाली नारी शक्ति का प्रथम प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच महिला प्रकोष्ठ का अध्यक्ष पद स्वीकार करना एक ऐसा संदेश बन उभरेगा जिसे दिल्ली का प्रत्येक अध्यापक स्वयं के सम्मान से जोड़कर देखेगा।
संयोजक अंजू अहलावत ने कहा सत्य है शक्ति बिना प्रगति अधूरी है आज नारी शक्ति और प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच अध्यापक हित के संघर्ष सहयोग भरोसे का नाम बन सामने है बहन ललिता अध्यापक का नेतृत्व नई ऊर्जा नई उड़ान देगा। महासचिव देवेंद्र यादव ने कहा ललिता अध्यापक का नाम अध्यापकों के बीच सम्मान से लिया जाता है, उनका संघर्ष समर्पण साहस जुझारूपन शिक्षकों के बीच सदैव चर्चा का विषय रहा है, उनकी लोकप्रियता सत्यता का हम सम्मान करते हैं।
महासचिव प्रवीण नागर ने सभा संबोधित करते हुए कहा ललिता अध्यापक की कथनी और करनी में कभी कोई फर्क नहीं होगा, मैं सौभाग्यशाली हूं कि कॉलेज के दिनों से ही बतौर सीनियर उनका मार्गदर्शन मुझे मिलता रहा है बहन जी का मंच की प्रथम महिला अध्यक्ष बना नई क्रांति का प्रतीक बनेगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय दहिया ने कहा भाई प्रदीप डागर और बहन ललिता अध्यापक की बेमिसाल जोड़ी अध्यापकों के साथ सम्मान की उड़ान बनेगी।
महासचिव प्रेम कुमार शुक्ला ने कहा बेहतरीन कविययत्री, कलम की धनी वाणी का वेग शब्दों की जादूगर अध्यापक हितों को सदैव समर्पित ललिता अध्यापक बस नाम ही काफी यह नाम मंच की गति शक्ति का परवाज बनेगा। सर्वप्रिय शिक्षक नेता यशपाल मलिक ने कहा डॉ प्रदीप डागर की सबको साथ लेकर चलने की सोच का सुखद परिणाम है आज ललिता अध्यापक अध्यक्ष रूप में कार्यभार संभाल रही है। अध्यक्ष के रूप में ललिता अध्यापक के सिर सम्मान की जो पगड़ी अध्यापकों ने बांधी है इस पगड़ी का मान सम्मान व सदैव बढ़ाएंगी यह अध्यापक बिरादरी को भरोसा है।
मंच को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अध्यापक नेता राजपाल कसाना ने कहा ललिता सदैव जीत का गीत दोहराती गुनगुनाती रही है निसंदेह ललिता का आना प्रगतिशील शिक्षक मंच को शक्ति देगा। मीडिया को संबोधित करते हुए ललिता अध्यापक ने कहा अध्यापक जीत का प्रथम नाम है साहस, शौर्य, कला, कौशल,प्रयोग, नवाचार का खजाना है। अध्यापक समाज और राष्ट्र का निर्माता है यह सम्मान यह पद जो प्रगतिशीलशिक्षक न्याय मंच ने मुझे दिया है आज यह पगड़ी मेरे सिर पर नहीं बल्कि मेरे रूप मे दिल्ली की चालीस हज़ार महिला अध्यापकों के सर पर सजाइ है यह मान मैं अपनी महिला शिक्षक साथियो के नाम करती हु। जीएसटीए के पचास साल के इतिहास में प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच ने जो नारी शक्ति के साथ न्याय किया है, वह अन्य संगठनों के लिए सीख है सबक है। नारी की वोट तो सभी बटोरना चाहते हैं पर सम्मान देने बराबरी का हक देने से परहेज करते रहे हैं। यह नारी सिर पर बंधी पगड़ी सम्मान की शुरुआत है मुझे भरोसा है कि अन्य संगठनो को अब हमारा अनुसरण करना ही होगा, पीछे-पीछे चलना ही होगा, नारी शक्ति के सम्मान में आगे आना ही होगा। अब कोई भी संगठन नारी शक्ति के सम्मान को जब भी आगे आएगा वह जीपी रावल, डॉ प्रदीप डागर, डॉ लाखन सिंह, अंजू अहलावत, यशपाल मलिक, राजपाल कसाना, प्रवीण नागर, देवेंद्र यादव की दिखाई सिखाई राह पर चलने को मजबूर होगा।

पिछले पचास साल से दिल्ली की महिला अध्यापक इस मान, सम्मान, स्वाभिमान की बाट निहार रही थी, जिसे प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच ने मंजिल से मिलाया है। नारी सम्मान को आज इन भाइयो ने जरूरी समझा है भविष्य में सभी संगठनों के लिए नारी सम्मान मजबूरी बनेगा। नारी को महज वोट समझने वाले अन्य संगठन भी नारी सम्मान करते अब जगह जगह दिखाई पड़ेंगे। यही प्रगतिशील शिक्षक़ न्याय मंच की पहली जीत है। नारी भागीदारी, पुरुष जिम्मेदारी यह नारा लेकर मैं प्रत्येक विद्यालय जाऊंगी हर अध्यापक से मिलूँगी और इस मान सम्मान की पगड़ी को हर विद्यालय में महिला अध्यापकों को भेंट करके आऊंगी और साथ ही यह भरोसा दिलाऊंगी की प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच के बैनर तले अध्यापक हित सुरक्षित है। साथी बहन रंजना महासचिव पद पर नियुक्त हुई है उन्हें भी मुबारकबाद देती हूं और दिल्ली के कोने-कोने से आए तमाम अध्यापकों जो सम्मानित करने आए हैं, जो मेरे साथ जुड़े हैं, जो मेरे सहयोगी साथी हैं उन सब का हृदय के से आभार व्यक्त करती हूं मैं पूर्व विधायक वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉक्टर विजेंद्र जी का विशेष रूप से आभार व्यक्त करती हूं जिन्होंने सदैव मुझे मार्गदर्शन दिया है।



