धूमधाम से मनाया गया जीवा में स्थापना दिवस

फरीदाबाद 6 फरवरी। फरीदाबाद 21बी स्थित जीवा पब्लिक स्कूल में विद्यालय का 26वां स्थापना दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय में प्रस्तुत किए गए प्रत्येक कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षाप्रद संदेश का समावेश रहा। छात्रों के द्वारा प्रस्तुत किए गए कार्यक्रम में कला, संस्कृति, संगीत, शिक्षा और मनोरंजन का अदï्ïभुत सामन्जस्य दिखा। कार्यक्रम को देखकर सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि जीवा शिक्षण संस्थान मेें छात्रों का सर्वांगीण विकास किया जाता है। यहाँ पर छात्रों को आधुनिक व विश्वस्तरीय शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और शिक्षा के प्रत्येक पक्ष से अवगत कराया जाता है। इसका मुख्य कारण यही है कि छात्र शिक्षा में आधुनिकता के साथ-साथ अपनी संस्कृति की जड़ों के साथ भी जुड़े रहें।
स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यालय में जो कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए उसमें विद्यालय के सिद्घान्तों को मुख्य रूप से प्रस्तुत किया गया। विद्यालय के मुख्य सिद्घान्त हैं दिनचर्या के नियम, एस. ओ. ई. और स्वाध्याय। विद्यालय द्वारा सिखाए जाने वाले ये सिद्घान्त छात्रों का विकास करने में भी सहायक होते हैं। कार्यक्रम का प्रारंभ शुरूआत पारंपरिक ढंग से दीप प्रज्जवलित कर समूह गान के साथ किया गया। विद्यालय के अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान ने दीप प्रज्जवलित किया एवं उनके साथ उपाध्यक्षा चंद्रलता चौहान, प्रशासनिका मुक्ता सचदेव, प्रधानाचार्या देविना निगम, संयोजिकाएं एवं संस्थान के युवा डायरेक्टरस मधुसुदन चौहान, काजल चौहान, मीनाक्षी, नीरजा चौहान उपस्थित रही। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के अध्यक्ष, उपाध्यक्षा, प्रधानाचार्या को मिले स्कूल संबंधी अनेक विशेष उपलब्धियों का वर्णन किया गया। छात्रों ने समूह गान प्रस्तुत किया एवं एक उच्चकोटि का नृत्य प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के अध्यापकों एवं छात्रों को उनके साल भर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे खेलकूद, विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं शिक्षा संबंधी उत्कृष्टï कार्यों व उपलब्धियों के लिए भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान ने उपस्थित सभी दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी छात्र अपना एक लक्ष्य निर्धारण करें व अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर उसे कुशलतापूर्वक पूर्ण करने का प्रयास करें, जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हमें अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित अवश्य करना चाहिए तभी हम अपने जीवन में सफल हो सकते हैं। इस अवसर पर प्रधानाचार्या देविना निगम ने भी अपने विचार व्यञ्चत करते हुए कहा कि कोई संस्था तभी सफल हो पाती है जब वहाँ के सभी लोग ईमानदार, कर्मठ व कार्य के प्रति समर्पित हों।



